जैसे इंसानी किस्मत की लकीरें हमारे हाथ में होती हैं, शेयर बाजार की किस्मत की रेखा विदेशी निवेशकों के हाथों में होती है. दलाल स्ट्रीट की लाल और हरी रेखाओं की रेस में किस दिन कौन सी रेखा जीतेगी काफी हद तक ये विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक ही तय करते हैं. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की एक फितरत होती है, वो ऐसे मेहमान हैं, जो आपके घर तब नहीं आते, जब आप मुश्किल में होते हैं, वो तब आते हैं जब उन्हें फायदा दिख रहा होता है. इसलिए अगर ये देखना हो कि देश की आर्थिक स्थिति को लेकर दुनिया क्या सोच रही है, तो आप FPIs की तरफ देखो, अगर वो देश में आकर शेयर बाजार में पैसा डाल रहे हैं, तो समझो कि उन्हें भारत की आर्थिक ताकत पर भरोसा है.
FPIs किसी भी शेयर में बहुत सोच समझकर पैसा डालते हैं, जब उन्हें कंपनी के बिजनेस, उसकी ग्रोथ और उसके भविष्य पर भरोसा होता है, तभी वो अपनी जमापूंजी को उस शेयर में दांव पर लगाते हैं. मैं यहां पर उन 8 शेयरों को चुनकर लाया हूं जिनमें FPIs की होल्डिंग 55% या इससे से ज्यादा है. किसी FPIs का किसी कंपनी में ज्यादा होल्डिंग का मतलब है कि वो उस कंपनी पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं. FPIs बड़े विदेशी फंड्स होते हैं जैसे कि BlackRock, Vanguard, Fidelity जो शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म में पैसा लगाते हैं. ये प्रोफेशनल निवेशक होते हैं जो पूरी रिसर्च, डेटा एनालिसिस और ग्लोबल आउटलुक के पैरामीटर्स पर परखने के बाद ही किसी कंपनी में निवेश का फैसला लेते हैं.
अगर किसी कंपनी में FPIs ज्यादा हैं, यानी कि फ्री-फ्लोट शेयरों की संख्या ज्यादा है यानी कि ज्यादा से ज्यादा शेयर ट्रेड के लिए मौजूद हैं जिससे लिक्विडिटी भी ज्यादा होती है. इससे शेयरों के भाव में अच्छा प्राइस मूवमेंट देखने को मिलता है. जिस कंपनी में FPIs पैसा डाल रहे हैं उसे ग्लोबल विजिबिलिटी भी मिलती है, साथ ही ये संदेश भी जाता है कि कंपनी को वैश्विक संस्थानों का सपोर्ट मिला हुआ है.
CarTrade
CMP ₹2,895 (~68.5%)
ये एक डिजिटल ऑटो मार्केटप्लेस है जो पारंपरिक क्लासीफाइड को ऑनलाइन लीड-जेनरेशन + लेनदेन सर्विसेज में बदल रहा है. कंपनी ग्राहकों, डीलरों और OEMs को नए और पुराने वाहन आसानी से खरीदने और बेचने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मुहैया कराती है. इस कंपनी में प्रमोटर्स ही होल्डिंग जीरो है, सारी होल्डिंग पब्लिक के पास है. रिटेल इन्वेस्टर्स के पास 10.29% हिस्सेदारी है और सबसे ज्यादा होल्डिंग फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) के पास के पास है, जो कि 68.5% है. कंपनी में कई दिग्गज ग्लोबल और विदेशी निवेशकों का सपोर्ट है, इसमें से कई IPO से पहले ही कंपनी के साथ जुड़े हैं. जैसे कि Temasek Holdings और Warburg Pincus. हालांकि इनमें से कई ने अपनी हिस्सेदारी बेच दी है, लेकिन इसके बाद कई दूसरे निवेशकों ने कंपनी में होल्डिंग खरीदी.
Urban Company Ltd
CMP ₹142 (~67.4%)
ये एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, जो कि होम, ब्यूटी और वेलनेस सर्विसेज देती है. इसमें मेजॉरिटी होल्डिंग विदेशी निवेशकों के पास है, जो कि 67.36% है. प्रमोटर्स हिस्सेदारी 20.44% है. जबकि DIIs होल्डिंग इसमें काफी कम (करीब 6%) है. FPIs की होल्डिंग इसमें इसलिए ज्यादा है क्योंकि इसी साल सितंबर में जब इसका IPO आया तो एंकर निवेशकों ने इसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लिया. कंपनी ने प्री-IPO में एंकर निवेशकों से 854 करोड़ रुपये जुटाए थे. इन एंकर निवेशकों में ज्यादातर ग्लोबल इन्वेस्टर्स थे. जैसे – Government Pension Fund Global, Nomura Funds Ireland Public Limited Company, Fidelity Funds, Florida Retirement System, Allspring Global Investments LLC (EMSC). संस्थागत आवंटन (खास तौर से QIBs) का एक बड़ा हिस्सा IPO के दौरान संस्थागत/वैश्विक निवेशकों ने ले लिया था. मतलब इसमें शुरू से ही फॉरेन फंड्स का एक बड़ा बेस मौजूद था.
360 ONE WAM
CMP ₹1,066 (~65.9%)
इसमें भी विदेशी निवेशकों की होल्डिंग 65.87%, जबकि प्रमोटर्स होल्डिंग सिर्फ 6.26% है, जबकि DIIs की होल्डिंग 4.72 % है. कंपनी एक वेल्थ एंड असेट मैनेजमेंट कंपनी है, जिसे कि हम पहले IIFL Wealth के नाम से जानते थे. ऐसी वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियों को लेकर विदेशी निवेशक काफी उत्साहित रहते हैं, क्योंकि इनमें अच्छी ग्रोथ देखने को मिलती है. कंपनी में विदेशी निवेशकों की बड़ी होल्डिंग हमेशा से ही रही है. 2018 में कंपनी ने 5.1% हिस्सेदारी के बदले संस्थागत निवेशकों से 746 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिसमें General Atlantic Singapore Fund और Steadview Capital Mauritius जैसे ग्लोबल प्लेयर्स भी शामिल थे. इसके अलावा WF Asian Reconnaissance Fund, Rimco Mauritius और Amansa Holdings ने भी कंपनी में हिस्सेदारी ली थी. यानी कंपनी में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी आज की नहीं है.
Redington Ltd.
CMP ₹292 (~61.8%)
Redington एक बिना प्रमोटर की लिस्टेड कंपनी है, यानी प्रमोटर होल्डिंग जीरो है. जबकि विदेशी निवेशकों FPIs की होल्डिंग 61.8% है, रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी 11.73% है. Redington सिर्फ एक घरेलू डिस्ट्रीब्यूटर नहीं है, बल्कि इसके कई और देशों में जैसे कि मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में भी ऑपरेशंस हैं. जिससे कि विदेशी निवेशक कंपनी की ओर काफी आकर्षित होते हैं. कंपनी में FII होल्डिंग बीते कई साल में लगातार बढ़ी है. जैसे कि FY19 में 34% से बढ़कर सितंबर 2024 में ये 58% हो गया और अब 61.8% हो गई है.
Le Travenues Technology Ltd
CMP ₹280 (~59.6%)
कंपनी ट्रैवेल एंड मोबिलिटी टेक्नोलॉजी स्पेस में एक जाना-माना नाम है. जो ऑनलाइन टिकट बुकिंग, होटल बुकिंग, ट्रैवल पैकेज सर्विसेज देती है, इसके ब्रैंड का नाम ‘ixigo’ है. कंपनी का टारगेट टियर-2 और टियर-3 के कंज्यूमर हैं, जिसकी वजह से इसकी ग्रोथ संभावनाएं बहुत ज्यादा है और यही वजह है कि ये विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र है. कंपनी का कोई प्रमोटर नहीं है, विदेशी निवेशकों के पास इसकी 59.6% होल्डिंग है. ये कंपनी प्रोफेशनली मैनेज्ड है, जिसने अच्छा परफॉर्म किया है.
Iconik Sports and Events Ltd
CMP ₹66 (~59.2%)
आइकोनिक स्पोर्ट्स एंड इवेंट्स एक स्पोर्ट्स एंड इवेंट कंपनी है. जो टेनिस और क्रिकेट समेत कई स्पोर्ट्स में लीग, टूर्नामेंट और कार्यक्रमों का आयोजन, प्रबंधन और प्रचार करती है. ये कंपनी 1968 में शुरू हुई, इसका मार्केट कैप 225 करोड़ रुपये है. इसका P/E 208 है, यानी इसकी वैल्युएशन काफी ज्यादा है. कंपनी में प्रमोटर्स ने लगातार अपनी होल्डिंग घटाई है. दिसंबर 2024 तक इसमें प्रमोटर्स होल्डिंग 72.49% हुआ करती थी, लेकिन अब ये होल्डिंग सिर्फ 11.25% रह गई है. जबकि दिसंबर 2024 तक इसमें विदेशी होल्डिंग जीरो थी, जो कि बढ़कर 59.20% हो चुकी है. DIIs इसमें नहीं के बराबर हैं.
Dr Agarwals Health Care Ltd
CMP ₹504 (~58.1%)
डॉ. अग्रवाल्स हेल्थ केयर आंखों से जुड़ी सर्विसेज मुहैया कराती है. जिसमें मोतियाबिंद, अपवर्तक और अन्य सर्जरी, परामर्श, इलाज और नॉन-सर्जिकल उपचार शामिल हैं. कंपनी इस सेक्टर में बहुत तेजी से अपना विस्तार कर रही है, इसलिए ये विदेशी निवेशकों की पसंद की लिस्ट में है. कंपनी में हालांकि प्रमोटर्स होल्डिंग 32.45% है, विदेशी निवेशकों की होल्डिंग 58.13% है.
घरेलू संस्थागत निवेशकों का हिस्सा भी 7.92% है. Eye care एक ग्लोबल थीम है. भारत इसके लिए एक बड़े बाजार के तौर पर उभर रहा है. इसलिए ये विदेशी निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.
Five-Star Business Finance Ltd
CMP ₹646 (~55.8%)
कंपनी माइक्रो और सेल्फ एम्पलॉयड व्यक्तियों को लोन देती है. ये उन लोगों को टारगेट करती है जिन्हें पारंपरिक बैंक्स लोन नहीं देते हैं. इसमें प्रमोटर होल्डिंग 18.57% है. जो कि बीते तीन सालों के दौरान कम हुई है. इन्ही तीन सालों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी दिसंबर 2022 में 6.54% से बढ़कर नवंबर 2025 में 55.80% हो गई है.
FIIs की होल्डिंग किसी कंपनी में ज्यादा होने का मतलब हमेशा अच्छा नहीं होता है, इसके साथ में कुछ साइडइफेक्ट्स भी होते हैं. FIIs किसी भी कंपनी में जो निवेश करते हैं वो सिर्फ अपने निजी रिटर्न के लिए करते हैं, वो कंपनी का कंट्रोल हासिल करने या लंबी अवधि में विकास करने के लिए नहीं कंपनी से जुड़ते हैं. जब उनको लगेगा कि मुनाफा लेकर निकलता है तो वो अपने शेयर बेचकर निकल जाएंगे, जिससे कंपनी के शेयरों पर दबाव भी दिखता है. FIIs ग्लोबल परिस्थियों को लेकर काफी संजीदा होते हैं. जैसे ही वैश्विक हालात बिगड़ते हैं, वो तुरंत अपने शेयर बेचकर निकलने की सोचने लगते हैं. इससे बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति भी पैदा होती है. जैसा कि हमने 2024 और इस साल भी देखा.
इसलिए सिर्फ FIIs की होल्डिंग देखकर ये नतीजा नहीं निकालना चाहिए कि कंपनी में FIIs मौजूद हैं तो कंपनी में निवेश करना फायदेमंद होगा. निवेश के कोई एक या दो मापदंड नहीं हो सकते. इसे कई मापदंडों पर रखकर परखा जाता है. इसलिए किसी भी निवेश से पहले आप अपने निवेश सलाहकार से जरूर पूछें.
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