इन राज्यों के हाथ में है बाजार की नब्ज़! यहीं लिखी जाती है देश की ग्रोथ स्टोरी

भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट है. यहां लिस्टेड शेयरों की वैल्यू या मार्केट कैप 5.5 ट्रिलियन डॉलर के पार जा चुकी है, यानी शेयर बाजार का मार्केट कैप अब देश की GDP से भी ज्यादा हो चुका है. लेकिन क्या आपको पता है कि इतने विशाल स्टॉक मार्केट में 70% योगदान सिर्फ तीन राज्यों से आता है- महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली. तो ऐसी बहुत संभावना है कि आपके पोर्टफोलियो में कोई न कोई शेयर जरूर होगा, जो इन राज्यों की कंपनियों से होगा.

महाराष्ट्र अकेला ही 50-55% मार्केट कैप कंट्रोल करता है, क्योंकि यहां पर मौजूद है देश की फाइनेंशियल कैपिटल मुंबई. BSE में तकरीबन 5,595 लिस्टेड कंपनियां हैं जबकि NSE पर 2,629 कंपनिया हैं, हालांकि इनमें से कई कंपनियां दोनों ही एक्सचेंज में लिस्ट हैं. इन लिस्टेड कंपनियों में से महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 1,370 कंपनियां रजिस्टर्ड हैं. इसके बाद गुजरात का नंबर आता है, जहां से 523 कंपनियां आती हैं, देश की राजधानी दिल्ली से 470 कंपनियां आती हैं.

मार्केट कैप के हिसाब से टॉप 10 कंपनियों में से तकरीबन 6 कंपनियों के हेडक्वार्टर मुंबई में ही है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, TCS, ICICI बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस शामिल हैं. अगर ओवरऑल बाजार को देखें तो पूरे मार्केट कैप का 65-75% मार्केट कैप सिर्फ टॉप की 10–12 कंपनियों से आता है. जो नीचे दी गई हैं.

टॉप की ये जितनी भी कंपनियां हैं उनमें से ज्यादातर इन्हीं तीन राज्यों से आती हैं. कुल मार्केट कैप में महाराष्ट्र का योगदान 50–55% है, गुजरात का 15–20% और दिल्ली का 10–12% है. यानी तकरीबन 75% हिस्सा इन तीन राज्यों से आता है. यानी अगर भारतीय शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप 5.5 ट्रिलियन डॉलर है, तो 4.12 ट्रिलियन डॉलर इन तीन राज्यों से ही आता है. इस हिसाब से महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली ही भारत की इक्विटी अर्थव्यवस्था का असली पावरहाउस हैं. यानी बाकी का 25% हिस्सा देश के बाकी राज्यों से आता है.

महाराष्ट्र में कौन सी कंपनियां

  • Reliance Industries
  • Tata Consultancy Services (TCS)
  • HDFC Bank
  • ICICI Bank
  • Hindustan Unilever (HUL)
  • Larsen & Toubro (L&T)
  • State Bank of India (SBI)
  • Kotak Mahindra Bank

गुजरात में कौन सी कंपनियां
Adani Group Companies

दिल्ली में कौन सी कंपनियां
Bharti Airtel
Maruti Suzuki India
Hero MotoCorp

इसमें कोई शक नही कि महाराष्ट्र बिजनेस करने के लिए कॉरपोरेट्स की पहली पसंद है. यही वजह है देश की टॉप कंपनियों के हेडक्वार्टर्स या बेस मुंबई में हैं. लेकिन गुजरात को आप कम नहीं आंक सकते. इसी साल फरवरी में हुरुन रिसर्च बताती है कि गुजरात 36 सबसे ज्यादा वैल्युएबल कंपनियों का गढ़ है, जो कि Hurun India 500 लिस्ट में अपनी जगह रखती है. जिनकी कुल वैल्यू 20.2 लाख करोड़ रुपये होती है. इसमें अदाणी ग्रुप की चार कंपनियां शामिल हैं, चारों ही हाई वैल्यू कंपनियां हैं.

  • Adani Enterprises Ltd (Rs 2.9 lakh crore)
  • Adani Ports and Special Economic Zone (Rs 3.27 lakh crore)
  • Adani Power Ltd (Rs 2.96 lakh crore)
  • Adani Green Energy (Rs 1.75 lakh crore)

इसमें कुछ छिपा नहीं है कि गुजरात का बाजार के मार्केट कैप में योगदान अदाणी ग्रुप की कंपनियों की वजह से ज्यादा है. साल 2014 में गुजरात का मार्केट कैप हिस्सा सिर्फ 5-6% था, जो कि 2025 में 18-20% पहुंच चुका है. ऐसा इसलिए क्योंकि अदाणी ग्रुप की कंपनियों का मार्केट कैप 2014 के करीब 1 लाख करोड़ रुपये हुआ करता था, और उसकी सिर्फ 3 कंपनियां ही लिस्टेड थीं. लेकिन सितंबर, 2025 में ही इसने 15 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप पार किया है और आज इसकी 10 कंपनियां लिस्टेड हैं. यानी इन 10 सालों में अदाणी ग्रुप की मार्केट कैप 15 गुना बढ़ी, जिससे गुजरात का मार्केट कैप में हिस्सा 3-4 गुना हो गया, इतनी तेजी से तो महाराष्ट्र भी नहीं बढ़ा.

यानी शेयर बाजार का ऊंट कब किस करवट बैठेगा, उसकी लगाम इन तीनों राज्यों के पास है, इन तीनों में भी महाराष्ट्र के पास शेयर बाजार का सबसे बड़ा कंट्रोल है. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. म्यूचुअल फंड्स इंडस्ट्री के कारोबार का तकरीबन 70% हिस्सा देश के टॉप 5 राज्यों से आता है, इसमें भी बाजी महाराष्ट्र ही मारता है.

FY25 में म्यूचुअल फंड का असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 65.74 लाख करोड़ रुपये था. ICRA की सितंबर में जारी एक रिपोर्ट बताती है कि घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल औसत AUM में टॉप 5 राज्यों का योगदान 68% रहा है. इसमें सबसे ज्यादा योगदान महाराष्ट्र का 40.59% रहा है. इसके बाद नई दिल्ली और फिर गुजरात का नंबर आता है. फिर कर्नाटक और पश्चिम बंगाल का योगदान रहा, जिनका योगदान 10% से भी कम था. हालांकि यही पैटर्न हर बार देखने को मिलता है.

कुल मिलाकर देखें तो देश के कैपिटल मार्केट की एक तिहाई दौलत की किस्मत की कहानी इन कुछ चुनिंदा राज्यों में ही लिखी जाती है. उनमें भी सबसे बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र का है. टेक्नोलॉजी, अवेयरनेस बढ़ने से शेयर बाजार में आम लोगों के लिए पहुंच काफी आसान हो गया. NSE ने नवंबर 2025 में 24 करोड़ इन्वेस्टर्स अकाउंट का मुकाम हासिल किया है, अक्टूबर 2024 में NSE ने 20 करोड़ का आंकड़ा छुआ था. जिससे ये पता चलता है कि देश के कैपिटल मार्केट में लोगों का रूझान तेजी से बढ़ा है. इसमें महाराष्ट्र 4 करोड़ से ज्यादा इन्वेस्टर अकाउंट के साथ नंबर वन पर है, जो कुल का 17% है.

हालांकि यहां पर गुजरात और दिल्ली मात खा जाते हैं. क्योंकि ये देखने में आया है कि उत्तर प्रदेश से इन्वेस्टर्स की संख्या बीते कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है. उत्तर प्रदेश में 2.7 करोड़ खाते, गुजरात में 2.1 करोड़ खाते और पश्चिम बंगाल राजस्थान में 1.4 करोड़ खाते हैं. टॉप पांच राज्य मिलकर देश के निवेशक खातों का लगभग करीब 50% हिस्से की अगुवाई करते हैं. जबकि टॉप के 10 राज्य 73% से ज्यादा का प्रतिनिधित्व करते हैं. इन आंकड़ों से साफ है कि कैपिटल मार्केट की पहुंच मुंबई जैसे महानगरों के अलावा अब छोटे शहरों के घरों तक जा पहुंची है, जो कि देश के कैपिटल मार्केट के लिए अच्छा संकेत हैं.

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