2008 की मंदी के बाद सबसे बड़ी गिरावट झेल रहा IT सेक्टर बीते दो दिनों से अचानक रिबाउंड मोड में है, इसने निवेशकों को थोड़ा मुस्कुराने का मौका दिया है. इंफोसिस, HCL टेक और TCS में 2-5% तक की मज़बूती देखने को मिली है. मगर, फिर भी IT स्टॉक्स में अभी पूरी रिकवरी आना बाकी है, क्योंकि साल के शुरुआती दो महीनों यानी जनवरी-फरवरी में IT शेयर 20%-25% तक टूट चुके हैं और IT शेयरों की वैल्युएशन एक आकर्षक स्तर पर आ चुकी है, साथ ही रिबाउंड के संकेत भी दिखने लगे हैं. तो क्या ये सही मौका है IT शेयरों में खरीदारी का? या फिर आगे अभी कोई ट्विस्ट या खतरा बाकी है. चलिए इसको समझते हैं-
स्टोरी को पहले शॉर्ट में समझ लेते हैं- IT शेयरों में गिरावट की वजह क्या थी? आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताएं, खासकर Anthropic जैसी AI कंपनी के नए टूल्स से, जो पारंपरिक IT सर्विसेज, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और प्राइसिंग मॉडल्स को बिगाड़ सकते थे. इससे निवेशकों में डर फैला कि भारतीय IT कंपनियों की कमाई और बिजनेस मॉडल पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है, इसलिए शेयर टूटते चले गए.
IT शेयरों में क्यों आई अचानक तेज़ी
लेकिन बुधवार को अचानक से ही हालात बदल गए जज़्बात बदल गए, क्यों? क्योंकि ग्लोबल मार्केट के IT शेयर जमकर उछले, Nasdaq में 1% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली, जिसने ग्लोबल सेंटीमेंट सुधारने में मदद की. Nvidia Q4 FY2026 के दमदार नतीजे दिए, जो कि अनुमानों से काफी अच्छे थे. इसने भारतीय IT सेक्टर का मनोबल बढ़ाया और गुरुवार को यानी दूसरे दिन भी तेजी देखने को मिली. Nvidia के CEO जेनसेंग हुआंग का ये कहना कि “Markets got it wrong” काफी मददगार साबित हुआ. AI से सॉफ्टवेयर और IT सर्विसेज कंपनियों को जितना डर था, उतना नहीं है.
इसके अलावा, Anthropic की तरफ से एक बयान जारी हुआ. जिसकी वजह से AI के खतरनाक स्तर पर डिसरप्टिव होने की सोच को थोड़ा नरम किया. बयान से एक बात मार्केट को समझ आई कि AI टेक कंपनियों को रिप्लेस नहीं करेगा बल्कि कुछ पार्टनरशिप या नए मौके भी दे सकता है. इससे मार्केट में राहत मिली. Anthropic की ओर से ये भरोसा दिया गया कि वो टेक इंडस्ट्री को खत्म नहीं करना चाहती बल्कि उसको और ज्यादा ताकतवर बनाना चाहती है. Anthropic ने 10 नए प्लग-इंस बताए, जिन्हें बिजनेस कस्टमर्स अपने काम में इस्तेमाल कर सकते हैं, और ये टूल्स कई बड़ी कंपनियों जैसे Thomson Reuters, Salesforce, FactSet के साथ पार्टनरशिप में डेवलप किए गए थे. इस एक डेवलपमेंट ने बाजार की पूरी सोच को बदल दिया. इससे AI फियर थोड़ा कम हुआ और टेक शेयरों में रिलीफ रैली आई.
IT शेयरों से म्यूचुअल फंड्स ने बनाई दूरी
इस साल हमने देखा है कि FIIs ने IT शेयरों से दूरी बनाकर रखी है, वो खरीदारी तो कर रहे हैं, लेकिन दूसरे सेक्टर्स में जैसे कि फाइनेंशियल सर्विसेज. FIIs ने इस साल फरवरी के पहले हाफ में IT सेक्टर से करीब 11,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की. म्यूचुअल फंड्स ने IT सेक्टर में अपनी होल्डिंग्स इन बीते दो महीनों में काफी कम किया. प्राइम डेटा बेस के आंकड़ों के मुताबिक कुल IT होल्डिंग्स गिरकर जनवरी के अंत में 3,95,404 करोड़ रुपये पर आ गई. जो कि दिसंबर, 2025 में 3,97,310 करोड़ रुपये हुआ करती थी.
इस दौरान म्यूचुअल फंड्स ने 10 IT कंपनियों में से 9 में अपनी होल्डिंग को घटाया है. इसमें ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट सबसे ज्यादा एक्टिव दिखा, जिसने इंफोसिस के 1,953 करोड़ शेयरों की बिकवाली की और TCS के 783 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की. नतीजा ये हुआ कि इंफोसिस अपने 52वीक हाई से 27% तक टूट गया, TCS 30% और HCL टेक 18% तक लुढ़क गया. TCS से 302 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई, टेक महिंद्रा से 966 करोड़ रुपये और 817 करोड़ रुपये HCL टेक से गए.
जनवरी के बाद फरवरी में भी म्यूचुअल फंड्स का IT शेयरों से पलायन जारी रहा, होल्डिंग्स जनवरी के 3.95 लाख करोड़ से गिरकर फरवरी में 3.2 लाख करोड़ रुपये पर आ गई. यानी 70,000 करोड़ रुपये से ज्यादा निकल गए. साथ ही, FII होल्डिंग्स भी 85,000 करोड़ रुपये कम होकर 4.49 लाख करोड़ पर आ गई.
लेकिन कुछ फंड्स IT में टिके रहे
एक तरफ अगर IT शेयरों में म्युचुअल फंड्स बिकवाली कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ म्यूचुअल फंड्स अब भी चुपचाप अपनी होल्डिंग्स लेकर बैठे हुए हैं. जिसमें Parag Parikh Flexi Cap Fund (PPFAS) ने जनवरी-फरवरी 2026 में IT स्टॉक्स में बिकवाली नहीं की, बल्कि जनवरी 2026 में ही IT होल्डिंग्स को बढ़ाया है. PPFAS का IT एक्सपोजर करीब 15%-25% के बीच है. जिसमें TCS, Infosys, HCL में मजबूत होल्डिंग्स हैं. जनवरी में इस फंड ने TCS में अपनी होल्डिंग को 1.1% से बढ़ाकर 2% तक किया, HCL Tech में होल्डिंग को 2.6% से 3% तक किया और इंफोसिस में भी होल्डिंग को बढ़ाया है.
ICICI Prudential Mutual Fund ने हालांकि Infosys और TCS में बिकवाली जरूर की, लेकिन Wipro में अपनी पोजीशन बढ़ाई है. इसी तरह Quant Mutual Fund ने जनवरी में Wipro में खरीदारी की थी. मोटा-मोटा ये समझ लें कि जनवरी-फरवरी क्रैश के दौरान म्यूचुअल फंड्स ने IT में नेट सेलिंग की है, लेकिन Parag Parikh Flexi Cap, Quant MF, और कुछ टेक फंड्स ने सेलेंक्टिव बढ़ोतरी भी की है.
Value ‘BUY’ या Value ‘BURN’ ?
इसलिए अब जानना ये है कि क्या इतनी गिरावट के बाद IT सेक्टर में खरीदारी का मौका आ गया है. फरवरी में निफ्टी IT 21% गिरा, जो कि 23 साल का सबसे खराब फरवरी का महीना रहा है, तकरीबन 6.4 लाख करोड़ मार्केट कैप से कम हो गए. 25 फरवरी की क्लोजिंग पर निफ्टी IT का PE रेश्यो 21.7x पर था, जबकि इसका 5 साल का औसत 28-30x है, यानी रेश्यो 20-25% कम हुआ है. शेयरों की बात करें तो
TCS का PE रेश्यो = अभी 18.51x-19.83x है. जबकि दिसंबर 2025 के अंत या जनवरी 2026 की शुरुआत में औसत PE रेश्यो 26-27x पर था. 2021-2022 के दौरान तो ये 36x+ तक पहुंचा था.
इंफोसिस का PE रेश्यो = अभी 18.1-18.7x है. जबकि दिसंबर 2025 के अंत, जनवरी 2026 की शुरुआत में PE रेश्यो 22x से 24x के करीब था. 2021-2022 के दौरान तो ये 36x+ तक पहुंचा था.
विप्रो का PE रेश्यो = अभी 15.95x है. जबकि दिसंबर 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में PE रेश्यो 18x से 20x के करीब था. साल 2021 में ये 31x हुआ करता था.
यानी एक बात तो साफ हो गई है कि वैल्यूएशन कई साल के निचले स्तर पर फिसल गए हैं. ये शिकायत भी दूर हो गई है कि इनके PE रेश्यो अपने ग्लोबल पीयर्स से काफी ज्यादा है, क्योंकि एक्सचेंचर करीब 17x, कॉग्निजेंट करीब 14x के PE पर है, यानी ज्यादा फर्क बचा नहीं है. इस नजरिये से IT Value ‘BUY’ ज्यादा दिखता है. लेकिन एनालिस्ट्स का नजरिया समझना जरूरी है.
IT कंपनियां तेज गिरावट से जल्दी उबर रही हैं, ये दिखाता है कि इनमें मांग और काम करने की ताकत अभी भी अच्छी है, लेकिन बड़ा सवाल AI का है, जो कि बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है, और कुछ लोग डर रहे हैं कि यह पुराने तरीके के IT काम को कम कर देगा या खत्म कर देगा. इस पर एनालिस्ट्स की राय अलग-अलग है.
कुछ एनालिस्ट्स जैसे कि Bank of America और Nuvama इंफोसिस को BUY की राय दे रहे हैं. क्योंकि इसके चलने की गुंजाइश दिख रही है.
Emkay Global
इसने IT सेक्टर पर अपना नजरिया बदलकर ‘Overweight’ कर दिया है. इसका कहना है कि जेनरेटिव AI को लेकर हाल की चिंताओं से आई भारी गिरावट ने वैल्यूएशन को बहुत ज्यादा नकारात्मक बना दिया है. अब सेक्टर 14-18X P/E पर ट्रेड कर रहा है, साथ ही 4-6% फ्री कैश फ्लो यील्ड मिल रही है, जो बहुत आकर्षक लग रही है. हालांकि ब्रोकरेज इसे ऑपर्च्युनिस्टिक कॉल मानता है, स्ट्रक्चरल री-रेटिंग नहीं.
CLSA
CLSA ने 24 फरवरी 2026 को IT सेक्टर पर अपनी लेटेस्ट नोट में 8 कंपनियों के प्राइस टारगेट काटे. Coforge, HCLTech, Infosys, LTIMindtree, Persistent Systems, TCS, Tech Mahindra और Wipro . ज्यादातर कंपनियों पर Outperform रेटिंग बरकरार रखी गई है, सिवाय Wipro के जहां अब Hold है. हाई-कन्विक्शन Outperform रेटिंग Coforge और Persistent Systems पर है, जो मिडकैप में टॉप पिक्स हैं.
हालांकि IT शेयरों के रिबाउंड के बाद कई और एनालिस्ट्स और ब्रोकरेजेस का आउटलुक आना बाकी है. IT इंडस्ट्री के लिए AI की चुनौतियां क्या आकार लेंगी, उसी से तय होगा कि ये सेक्टर भविष्य में किस दिशा की ओर बढ़ेगा. IT सेक्टर इसके पहले भी कई चुनौतियों से गुजर चुका है. जैसे Y2K क्राइसिस, डॉट कॉम बबल, 2008 फाइनेंशियल क्राइसिस और कोविड. इन सबको IT सेक्टर ने झेला है और पार हुआ है. अब AI संकट है या मौका, ये IT सेक्टर को तय करना है.
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसमें जिन शेयरों और कंपनियों का जिक्र किया गया है, वे उनके पिछले प्रदर्शन और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है और पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते। निवेश से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए या खुद स्वतंत्र रिसर्च करनी चाहिए। लेखक किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
Twitter – https://x.com/SumitResearch
Insta – Mehrotra Sumit (@sumitresearch)
Youtube – https://www.youtube.com/@Sumitresearch
















Leave a Reply