BUDGET 2026: हॉस्पिटल सेक्टर को बिना मांगे मिली सौगात! फोकस में Apollo, Max Health समेत ये शेयर

BUDGET 2026 Major Boost for Hospitals and Medical Tourism

बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के हेल्थकेयर सेक्टर की सेहत का ख्याल रखा है. फार्मा इंडस्ट्री के साथ साथ अस्पतालों के लिए कुछ बड़े ऐलान किए हैं, जिसका फायदा आने वाले समय में हेल्थकेयर सेक्टर को मिलेगा. इसमें रीजनल मेडिकल हब स्थापित करने से लेकर, इमरजेंसी-ट्रॉमा सेंटर्स की क्षमता बढ़ाने और आयुर्वेद को कैसे ग्लोबलाइज किया जाए, इसका प्लान भी बताया गया है। एक नजर डालते हैं हॉस्पिटल सेक्टर के लिए किए गए कुछ बड़े ऐलानों पर, फिर आगे समझेंगे ये किन स्टॉक्स के लिए पॉजिटिव है, जिस पर आपको नजर रखनी चाहिए.

5 रीजनल मेडिकल हब

प्राइवेट सेक्टर हॉस्पिटलों के साथ पार्टनरशिप करके पांच रीजनल मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे. राज्य अपोलो, मैक्स, फोर्टिस, डॉ. लाल और मेट्रोपोलिस के साथ पार्टनरशिप करेंगे. सरकार का इरादा इससे मेडिकल टूरिज्म सर्विसेज को बढ़ावा देने का है. ये हब मेडिकल, शैक्षिक और रिसर्च सुविधाओं को इंटीग्रेट करेंगे और इनमें आयुष सेंटर, मेडिकल वैल्यू टूरिज्म सुविधा केंद्र और डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट-केयर और पुनर्वास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर होगा. रीजनल हब हेल्थ प्रोफेनल्स के लिए रोजगार के नए मौके भी मुहैया कराएंगे.

हेल्थकेयर में ज्यादा स्किल्ड स्टाफ आएगा

बजट में सरकार ने ऐलान किया है कि मौजूदा और नए Allied Health Professional (AHP) को अपग्रेड किया जाएगा. AHP वो लोग होते हैं जो डॉक्टरों की मदद के लिए रखे जाते हैं, जैसे लैब टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट वगैरह. ये अपग्रेडेशन सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर में होगा. कुल 10 अलग-अलग फील्ड्स में ये काम किया जाएगा. अगले 5 सालों में कुल 1 लाख नए AHPs को जोड़ा जाएगा. यानी कि हेल्थकेयर में ज्यादा स्किल्ड स्टाफ आएगा, जो हॉस्पिटल्स और क्लिनिक्स में बेहतर काम कर सकेंगे.

1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेनिंग

मेडिकल टूरिज्म यानी कि विदेशी मरीज जो भारत में इलाज कराने के लिए आते हैं, इसको लेकर एक बड़ा ऐलान किया गया है. पूरे हेल्थकेयर सिस्टम को सपोर्ट करने के लिए लगभग 1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी. केयरगिवर्स वो लोग होते हैं, जो जो मरीजों की देखभाल करते हैं. जैसे उन्हें दवाएं देना, उनकी नर्सिंग करना, योगा-वेलनेस गाइड करना, मेडिकल डिवाइस चलाना, व्हीलचेयर पर ले जाना वगैरह. ये डॉक्टर या नर्स नहीं होते, लेकिन हेल्थकेयर में बहुत जरूरी रोल निभाते हैं, खासकर घरेलू देखभाल और लंबे समय तक बीमार रहने वाले मरीजों के लिए.
इनको अगले साल से नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी.

इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर्स की क्षमता बढ़ाएंगे

हर जिला अस्पताल में आपातकालीन और ट्रॉमा के लिए विशेष केंद्र बनेंगे, जिससे जिला अस्पतालों की क्षमता 50% बढ़ाई जाएगी. इससे गरीब परिवारों को अचानक होने वाले खर्च और मानसिक सदमे से बचाव होगा. जिला अस्पतालों में अभी जितने भी बेड्स, स्टाफ और सुविधाएं हैं, उनमें 50% यानी आधी से ज्यादा अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी. खास तौर पर इमरजेंसीऔर ट्रॉमा (दुर्घटना, चोट, गंभीर इंजरी) के मरीजों के लिए नए सेंटर्स बनाए जाएंगे.

मेंटल हेल्थ पर फोकस

सरकार उत्तर भारत में एक मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट शुरू करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (NIMHANS) 2.0 स्थापित करेगी. साथ ही, रांची और तेजपुर में मौजूद नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट्स को रीजनल एपेक्स संस्थानों के रूप में अपग्रेड किया जाएगा.

किन कंपनियों को होगा इसका फायदा

इन ऐलानों से प्राइवेट हॉस्पिटल्स जहां पर विदेशी मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं. क्योंकि मरीजों की संख्या बढ़ेगी, स्टाफ की संख्या बढ़ेगी, अस्पतालों का विस्तार होगा.

  • Apollo Hospitals
  • Max Healthcare
  • Fortis Healthcare
  • Yatharth Hospital
  • Artemis Medicare

अलायड हेल्थकेयर सर्विसेज को भी इसका फायदा मिलेगा, क्योंकि मरीजों की संख्या बढ़ने से डायग्नॉस्टिक या टेस्ट भी ज्यादा होंगे. इनमें ये कंपनियां शामिल हैं

  • Thyrocare Technologies
  • Dr. Lal Path Labs
  • Metropolis Healthcare
  • Vijaya Diagnostic Centre

आयुर्वेद के लिए बड़े ऐलान

3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना की जाएगी. ये संस्थान आयुर्वेद की शिक्षा, रिसर्च और एडवांस्ड इलाज (टर्शियरी केयर) को बढ़ावा देंगे. नए AIIA से ज्यादा अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर तैयार होंगे, वैज्ञानिक रिसर्च बढ़ेगी और पंचकर्मा, क्रोनिक बीमारियों का इलाज जैसे हाई-लेवल ट्रीटमेंट बेहतर होंगे. इससे आयुर्वेद को और ज्यादा भरोसेमंद और मॉडर्न बनाया जाएगा. साथ ही, AYUSH फार्मेसीज और ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरीज का अपग्रेडेशन किया जाएगा. सबसे बड़ा फायदा ग्लोबल सर्टिफिकेशन मिलेगा, जिससे आयुर्वेदिक दवाइयां और प्रोडक्ट्स आसानी से विदेशों में एक्सपोर्ट हो सकेंगे.

  • Jeena Sikho Lifecare
  • Madhavbaug (Vaidya Sane Ayurved Laboratories)

जब ये ऐलान ज़मीन पर उतरेंगे, तो देश के हेल्थकेयर सेक्टर तो बढ़ावा मिलेगा ही, साथ ही इलाज का स्तर भी ऊंचा होगा, लोगों तक मेडिकल सेवाएं अफोर्डेबल और तुरंत मिल सकेंगी, क्योंकि स्टाफ बढ़ेगा. यानी नौकरियों के भी मौके बनेंगे सो अलग. तो मेरी नजर में ये फैसला बहुत स्वागत योग्य है. ये हॉस्पिटल सेक्टर के लिए किसी एनर्जी ड्रिंक से कम नहीं.

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसमें जिन शेयरों और कंपनियों का जिक्र किया गया है, वे उनके पिछले प्रदर्शन और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है और पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते। निवेश से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए या खुद स्वतंत्र रिसर्च करनी चाहिए। लेखक किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

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