शेयर बाजार में कई कंपनियां ऐसी हैं, जिनके नाम तो काफी बड़े हैं और अपने सेक्टर की अच्छी कंपनियां भी हैं, लेकिन बीते कुछ समय से उनके शेयरों की हालत ठीक नहीं चल रही है. शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह देखें तो उनके कमजोर तिमाही नतीजे है. हालांकि फैक्टर्स और भी हैं, लेकिन तिमाही नतीजों का ज्यादा दबाव शेयर प्राइस पर दिखा. मैं ऐसी 7 बड़ी कंपनियों के बारे में बताने जा रहा हूं. जो अपने साल की ऊंचाई से 40-60% तक टूट चुके हैं.
Tejas Networks Ltd
52 Week High: 1,402.70
Fall From Year High: 63%
तेजस नेटवर्क्स भारत की टॉप इंडियन टेलीकॉम इक्विपमेंट कंपनी है. जो देश में डिजिटल नेटवर्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम करती है. कंपनी ऐसे नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स डिजाइन और मैन्युफैक्चर करती है जो इंटरनेट, ब्रॉडबैंड, मोबाइल नेटवर्क (4G/5G) और ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन में इस्तेमाल होते हैं.
तेजस नेटवर्क ने Q2FY26 में 307 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है, जबकि Q2FY25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 275 करोड़ रुपये रहा था. कंपनी का लगातार तीन तिमाहियों से घाटा बढ़ता ही जा रहा है. BSNL से एक बड़ा खरीद ऑर्डर मिलने में देरी एक बड़ी वजह है.
इस शेयर ने 5 दिसंबर 2024 को अपना 52 हफ्ते का हाई 1,402.70 रुपये बनाया था, फिलहाल ये 515 रुपये के करीब ट्रेड कर रहा है. यानी ये अपने हाई से अबतक करीब 63% तक टूट चुका है.
इसने 11 नवंबर, 2025 को ही 501 रुपये का नया लो बनाया. जिससे रेवेन्यू में कमी आई. कंपनी के शेयरों में आई इस कमजोरी की सबसे बड़ी वजह ये है कि कंपनी के वित्तीय नतीजे (financial results) बेहद खराब रहे हैं.
Praj Ind.
52 Week High: 875
Fall From Year High: 62%
प्राज इंडस्ट्रीज एक बायोटेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस कंपनी है, जो सस्टेनेबल एनर्जी और एनवायरनमेंट टेक्नोलॉजी पर काम करती है. कंपनी इथेनॉल, बायोगैस और दूसरे बायोफ्यूल्स बनाने की तकनीक देती है. यह भारत की इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम में एक प्रमुख खिलाड़ी है.
प्राज इंडस्ट्रीज का दूसरी तिमाही में मुनाफा 41.66 करोड़ रुपये रहा है, जो कि सालाना आधार पर 28% कम है. कुल बिक्री में भी 2.51% की गिरावट रही है. कंपनी का EBITDA भी 20.68% तक गिरा है, जिसकी वजह से इसके शेयरों पर दबाव देखने को मिला था.
इस कंपनी ने 1 जनवरी 2025 को इस शेयर ने 875 रुपये का 52 हफ्ते का हाई बनाया था. फिलहाल ये 335 रुपये के करीब ट्रेड कर रहा है. 12 नवंबर, 2025 को यानी आज ही इस शेयर नया 52 हफ्ते का लो बनाया है. मगर इसमें खरीदारी लौटी और फिलहाल ये 3 प्रतिशत की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है. फिर भी ये शेयर अपने साल के हाई से 62% नीचे फिसल चुका है.
TARIL
52 Week High: 648.90
Fall From Year High: 54%
Transformers And Rectifiers (India) Limited या TARIL ट्रांसफार्मर और रिएक्टर बनाने वाली भारत की लीडिंग कंपनी है. इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 500MVA और 1200kV तक के सिंगल-फेज पावर ट्रांसफार्मर, फर्नेस ट्रांसफार्मर, रेक्टिफायर और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर, स्पेशलिटी ट्रांसफार्मर, सीरीज और शंट रिएक्टर, मोबाइल सब-स्टेशन, अर्थिंग ट्रांसफार्मर आदि शामिल हैं.
सोमवार, 10 नवंबर को TARIL का शेयर 20% टूटा था, क्योंकि कंपनी ने सितंबर तिमाही के लिए बड़े खराब नतीजे पेश किए. रेवेन्यू बिल्कुल फ्लैट 460 करोड़ रुपये रहा. EBITDA और मुनाफा दोनों ही गिरा. शेयर में गिरावट उसके अगले दिन यानी 11 नवंबर को भी जारी रही और इसने 282.20 का 52 वीक लो बनाया था.
कंपनी में आज जोरदार तेजी देखने को मिली, 5% से ज्यादा मजबूत होकर 297 रुपये पर बंद हुई. इंट्राडे में इसने 304.70 का हाई भी बनाया. इसने 8 जनवरी 2025 को 648.90 रुपये 52 हफ्ते का हाई बनाया था, हालांकि आज इसमें जबरदस्त तेजी देखने को जरूर मिली है, लेकिन ये अपने इस साल की ऊंचाई से अब भी 54% नीचे है.
PGEL
52 Week High: 1,054.20
Fall From Year High: 50%
PG Electroplast भारत की टॉप कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है. ये ODM/OEM का बड़ा प्लेयर है, मतलब बड़े ब्रांड्स जैसे Voltas, LG, Haier, Thomson के लिए प्रोडक्ट्स डिजाइन और मैन्युफैक्चर करती है. कंपनी प्लास्टिक मोल्डिंग से लेकर पूरा एयर कंडीशनर, टीवी, वॉशिंग मशीन पार्ट्स तक बनाती है.
अगस्त में कंपनी ने अपने तिमाही नतीजों का ऐलान किया था, जिसमें कंपनी ने अपनी ग्रोथ गाइडेंस को मौजूदा वित्त वर्ष के लिए बहुत ज्यादा घटा दिया था. कंपनी ने अनुमान जताया था कि रेवेन्यू 5,700–5,800 करोड़ रुपये के बीच रह सकती है, जो कि 17% से 19% की ग्रोथ दर्शाता है, जबकि इसके पहले कंपनी ने रेवेन्यू ग्रोथ 30% का दिया था.
ये बात बाजार को रास नहीं आई, उसके बाद से ही इस शेयर में लगातार गिरावट बनी रही. अगस्त में लगातार दो ट्रेडिंग सेशन में ही ये शेयर 37% तक टूट चुका था, इसके बाद भी इसमें गिरावट जारी रही 14 अगस्त, 2025 को इसने 465 रुपये का 52 वीक इंट्राडे लो बनाया. आज शेयर 527 रुपये पर बंद हुआ है. 6 जनवरी, 2025 को शेयर 1,054.20 के 52 वीक हाई पर पहुंचा था. वहां से ये शेयर अब 50% तक टूट चुका है.
Jindal Saw Limited
52 Week High: 342.80
Fall From Year High: 50%
जिंदल सॉ भारत की बड़ी पाइप मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रा सॉल्यूशंस देने वाली कंपनियों में से एक है. कंपनी दुनिया भर में ऊर्जा, जल, ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर्स को पाइप और ट्यूब सप्लाई करती है.
कंपनी का दूसरी तिमाही का मुनाफा काफी खराब रहा है. Q2FY26 रेवेन्यू 24.1% गिरा है, जबकि मुनाफा 69.6% तक कम हुआ है. EBITDA में भी 50.8% की गिरावट देखने को मिली है. इसके बाद से शेयरों ने जो फिसलना शुरू किया तो अबतक नहीं रुका, 7 नवंबर 2025 को इस शेयर ने 162.20 का 52 हफ्ते का निचला स्तर बनाया. 10 दिसंबर 2024 को 342.80 रुपये के 52 वीक हाई से अब ये शेयर 50% तक टूट चुका है.
Cohance Lifesciences Limited
52 Week High: 1,360
Fall From Year High: 49.5%
कंपनी ने कॉन्टैक्ट रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (CRAMS) सेक्टर में अपनी मजबूत स्थिति बना ली है. यह भारत में इनोवेटर्स को हाई एंड इंटरमीडियरीज सेवाएं देने वाली टॉप 5 कंपनियों में से एक है. अक्टूबर के आखिरी में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर वी प्रसाद राजू ने इस्तीफा दे दिया, जिसकी वजह से इसका शेयर 10% से ज्यादा टूट गया. उस दिन शेयर ने ₹767.10 का 52 वीक लो बनाया था, लेकिन इसके बाद भी शेयरों में गिरावट थमी नहीं. इस शेयर ने आज यानी 12 नवंबर 2025 को नया 52 वीक लो बनाया है, जो कि 687.05 रुपये है. कंपनी ने 2 दिसंबर, 2024 को 1,360 रुपये का 52 वीक हाई बनाया था, उस ऊंचाई से ये शेयर अब करीब 49.5% तक गिर चुका है.
Natco Pharma
Cohance Lifesciences Limited
52 Week High: 1,505
Fall From Year High: 45%
कंपनी के शेयर ने 10 दिसंबर, 2024 को 1,505 रुपये का 52 वीक हाई बनाया था, लेकिन अब ये फिसलकर 823.95 रुपये पर आ चुका है. यानी उस ऊंचाई से 45% तक फिसल चुका है. पिछले महीने खबर आई थी कि सुप्रीम कोर्ट ने स्विस फार्मा दिग्गज रोश की रिस्डिप्लाम के लॉन्च पर याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की है, जिसकी वजह से Natco Pharma का शेयर 3.5% टूट गया. इसके पहले फरवरी में भी इसका शेयर टूटा था, जब कंपनी ने अपने तिमाही नतीजों का ऐलान किया था.
ये सारी कंपनियां अपने अपने सेक्टर की स्पेशलाइज्ड कंपनियां हैं. लेकिन अपने ऊपरी स्तरों से काफी नीचे आ चुकी हैं. ये सिर्फ आपकी जानकारी के लिए है. क्या ये कंपनियां आगे और गिरेंगी या इसमें अभी निवेश का मौका है, इसका फैसला आप अपने विवेक से करें या निवेश सलाहकार से मशवरा करके करें
















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