कुछ रिपोर्ट्स ऐसी होती हैं जो एक झटके से आपको क्लैरिटी दे देती हैं. ऐसी एक रिपोर्ट को मैंने पढ़ना शुरू किया, टॉपिक था – Reports of my death are greatly exaggerated. ये मशहूर लेखक मार्क ट्वैन की एक कही गई एक लाइन है. इस एक लाइन ऐसी थी जैसे आंकड़ों के जंगल में एक सीधा रास्ता. नुवामा की ये रिपोर्ट भारतीय IT सेक्टर को लेकर है, जिसके बारे में बीते कुछ दिनों से काफी कुछ कहा जा रहा है, खासतौर पर Gen-AI के खतरों को लेकर, जह एंथ्रोपिक के उस एक AI टूल के आने के बाद IT स्टॉक्स तो जैसे हत्थे से ही उखड़ गए. नुवामा की रिपोर्ट Gen-AI और IT इंडस्ट्री पर उसके असर को समझाती है, डराती नहीं.
IT शेयरों में अब कमाई का मौका
नुवामा की रिपोर्ट कहती है कि Gen-AI के आने के साथ ही, भारतीय IT सर्विसेज इंडस्ट्री की मृत्यु-सूचनाएं हर जगह लिखी जा रही हैं. चिंताएं और बढ़ गई हैं, पहले ग्लोबल SaaS कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई, और अब IT सर्विसेज कंपनियों के भी शेयरों में गिरावट देखने को मिली है. हम इसे इंडस्ट्री के लिए एक déjà vu पल मानते हैं और विश्वास करते हैं कि ये इस मुश्किल वक्त से भी उबर जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे पहले की मुश्किलों से उबरा था. रिपोर्ट कहती है कि IT शेयरों में गिरावट से अब ये काफी आकर्षक लेवल पर आ गए हैं, नुवामा ने टॉप 10 शेयरों में खरीदारी की राय भी दी है, और ये दावा किया है कि अगले 12-15 महीने में निवेशक इन स्टॉक्स से अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं.
IT इंडस्ट्री के लिए चिंताएं बढ़ीं, लेकिन…
भारतीय IT इंडस्ट्री एक बार फिर से उसी चौराहे पर आकर खड़ी हो गई है, जब एक नई टेक्नोलॉजी के आने से इसके कामकाज करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव आने का खतरा मंडराने लगा है.
इसके निकट भविष्य की ग्रोथ और लंबे समय में टिके रहने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं
नुवामा की रिपोर्ट में कहा गया है कि हम Gen-AI से हम अस्तित्व पर किसी भी खतरे को नहीं देखते हैं, क्योंकि हमारा मानना है कि सिस्टम इंटीग्रेटर की जरूरत हमेशा ही रहेगी, जो किसी एंटरप्राइज के plug-and-play सॉफ्टवेयर के इनपुट और आउटपुट को उसकी जरूरतों के मुताबिक ढाल सके. हम ये भी देखते हैं कि किसी भी टेक्नोलॉजी का B2B अपनाया जाना B2C सेगमेंट से काफी अलग है. आख़िरकार, जब कंपनियां अपने कामों को ऑटोमेट करने की ओर बढ़ेंगी, तब भी उन्हें ऐसे किसी की ज़रूरत होगी जो पूरे सिस्टम की ज़िम्मेदारी उठा सके, और ये भूमिका IT सर्विसेज़ कंपनियां ही निभाएंगी.
शुरुआती झटकों से उबर जाएंगे
नुवामा का हालांकि मानना है कि IT कंपनियों की कमाई पर शुरुआती दौर में कुछ दबाव देखने को मिलेगा, जो कि अभी की स्थिति है, ये स्थिति तभी तक रहेगी जबतक इंडस्ट्री एक मोड़ तक नहीं पहुंच जाती है. इसके बाद कुल मार्केट में विस्तार देखने को मिलेगा, इंफोसिस के मैनेजमेंट के मुताबिक ये 2030 तक 300–400 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है.
हालांकि, इस दौरान कंपनियों के बिज़नेस मॉडल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां वे हेडकाउंट-ड्रिवन मॉडल से हटकर आउटकम-बेस्ड रेवेन्यू मॉडल की ओर बढ़ेंगी. इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में नौकरियां कम हो सकती हैं, और इसका रेवेन्यू ग्रोथ से ज्यादा लेना देना नहीं रह जाएगा
नुवामा का कहना है कि हम मध्यम से लंबी अवधि में इस सेक्टर को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं; निकट अवधि में अस्थिरता बनी रह सकती है. पिछले दो महीनों में आई तेज गिरावट ने वैल्यूएशन्स को बहुत आकर्षक बना दिया है. अब हम TOP-10 IT सर्विसेज स्टॉक्स पर ‘BUY’ रेटिंग दे रहे हैं.
IT शेयर हुए आकर्षक, ये हैं नए टारगेट प्राइस
नुवामा का कहना है कि पिछले दो महीनों में दिखी नैरेटिव्स की लड़ाई में, Gen-AI प्लेटफॉर्म कंपनियां हर हफ्ते नए-नए टूल्स की घोषणा कर रही हैं. हमारा मानना है कि IT सर्विसेज़ का मॉडल आगे भी कायम रहेगा और Gen-AI से होने वाला बदलाव इनके लिए और बड़े मौके पैदा करेगा. नुवामा के मुताबिक हाल ही में आई तेज गिरावट के बाद IT स्टॉक्स की वैल्यूएशन काफी आकर्षक लग रही है.
नुवामा ने अपने अनुमानों को बरकरार रखा है, लेकिन Gen-AI डिसरप्शन के जोखिम को ध्यान में रखते हुए टारगेट मल्टिपल्स में थोड़ी कटौती की है. HCLTech, Wipro, Tech Mahindra और Hexaware Technologies को ‘BUY’ रेटिंग में अपग्रेड किया है.
नुवामा के मुताबिक हमारे पास टॉप-10 IT सर्विसेज़ कंपनियों में से सभी पर ‘BUY’ रेटिंग है. इनमें हमारी खास पसंद हैं Coforge, LTIMindtree, Persistent Systems, Mphasis, Infosys और Tata Consultancy Services है.

















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