मुरुगप्पा ग्रुप को लगी किसकी नजर! आखिर क्यों सभी 10 लिस्टेड कंपनियां 52वीक हाई से नीचे फिसलीं?

मुरुगप्पा ग्रुप की कंपनियां 52वीक हाई से नीचे फिसलीं?

मुरुगप्पा ग्रुप को किसकी नजर लग गई है। 125 साल पुराने इस ग्रुप की लिस्टेड कंपनियां अपनी साल की ऊंचाइयों से काफी नीचे पहुंच गई हैं। जो लोग मुरुगप्पा ग्रुप को जानते हैं, समझते हैं वो कहते हैं कि ये सिर्फ एक बिजनेस हाउस नहीं है, बल्कि भारत की औद्योगिक परंपरा, वैल्यू-ड्रिवन कैपिटलिज़्म और लॉन्ग-टर्म सोच का जीता-जागता उदाहरण है। कोई इसे साउथ का रिलायंस कहता है तो कोई साउथ का टाटा, जिसका जैसा नजरिया। तो ऐसा क्या हो गया है कि इस ग्रुप की कंपनियां जिनमें से कुछ मल्टीबैगर भी हैं, अपनी चमक खोती जा रही है।

कई सेक्टर्स में फैली 125 साल पुरानी मुरुगप्पा

इस समूह की जड़ें 1900 के शुरुआती दौर में दक्षिण भारत की मिट्टी में पड़ीं, मुरुगप्पा ग्रुप उसी दौर की पैदाइश है, जहां कारोबारी प्रतिष्ठा बैलेंस शीट से पहले आती थी। हालांकि इस ग्रुप की वैल्यूज और प्रतिष्ठा अब भी बरकरार हैं, उसे लेकर कोई सवाल नहीं, मगर शेयरों की साख पिघल रही है।

90,200 करोड़ रुपये वाले मुरुगप्पा ग्रुप की बिजनेस शाखाएं कृषि, इंजीनियरिंग, फाइनेंशिल सर्विसेज, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स समेत कई क्षेत्रों में फैली हुईं हैं। इससे जुड़ी कंपनियों की लिस्ट काफी लंबी है, लेकिन हम यहां पर इसकी लिस्टेड 10 कंपनियों में से 5 कंपनियों की बात करेंगे, जो अपने 52वीक हाई से 35-55% नीचे ट्रेड कर रही हैं। इसकी आप चिंता कर सकते हैं, या फिर इसे एक मौके के तौर पर देख सकते हैं, ये मैं पूरी तरह से आप पर छोड़ता हूं।

1- Wendt (India) Limited: -55%
इस स्टॉक ने 21 जनवरी, 2025 को 15,922.25 रुपये का 52वीक हाई बनाया था, लेकिन अब ये 7,330 के आस-पास ट्रेड कर रहा है। यानी करीब 55% तक टूटा चुका है। इसी साल 12 जनवरी, 2026 को इसने 7,171 रुपये का 52वीक लो बनाया है।

वजह- इस शेयर असली गिरावट तब शुरू हुई जब 15 मई, 2025 को इसके विदेशी प्रमोटर Wendt GmbH ने कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 37.5% हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया। OFS के लिए फ्लोर प्राइस 6,500 रुपये प्रति शेयर तय किया गया, जो पिछले दिन के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 38% के डिस्काउंट पर था। इससे स्टॉक में तेज बिकवाली देखने को मिली, उस दिन शेयर इंट्राडे ट्रेड में करीब 20% टूटकर 8,374.15 के नए 52-वीक लो पर पहुंच गया। उस दिन से जो गिरावट शुरू हुई, आजतक चल रही है।

2- NACL Industries Limited: -40%
मुरुगप्पा ग्रुप की इस कंपनी ने 1 अगस्त, 2025 को 311.42 रुपये का 52वीक हाई बनाया था। लेकिन अब उस ऊंचाई से ये 40% टूटकर 184-185 रुपये के बीच पहुंच गया है। अगस्त में 52वीक हाई पर पहुंचने के बाद ये शेयर वहां से फिसलता चला गया।

वजह- स्टॉक को एनालिस्ट्स ने बहुत ज्यादा ओवरवैल्यूड माना। अगस्त 2025 में, 311 रुपये का शेयर प्राइस इसके अनुमानित फेयर वैल्यू से लगभग 48% ज्यादा था। बाद में प्राइस करेक्शन के चलते ये अपने फेयर वैल्यू पर आ गया। कंपनी के लॉन्ग टर्म फंडामेंटल्स निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का सबब थे, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में निगेटिव ग्रोथ देखने को मिली। मार्च 2025 में खत्म वित्त वर्ष में घाटा और बढ़ गया। रेवेन्यू 31% गिरा और नेट लॉस 56% बढ़ गया।

क्र. सं. कंपनी 52वीक हाई से टूटा
1.Wendt (India) Limited-55%
2.NACL Industries Limited-40%
3.Tube Investments of India-33%
4.Shanthi Gears Limited -33%
5.Carborundum Universal Limited-35%

3- Tube Investments of India: -33%
इस स्टॉक ने 21 जनवरी, 2025 को 3,485 रुपये का 52वीक हाई बनाया था। इस ऊंचाई से ये शेयर अब 33% से ज्यादा टूट चुका है। इस स्टॉक ने 16 जनवरी, 2026 को नया 2,330 रुपये का नया 52वीक लो बनाया है। ये शेयर इस महीने अबतक 10% से ज्यादा टूट चुका है।

वजह- कंपनी लगातार कमजोर नतीजों की वजह से शेयर पर दबाव है। सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 9.7% गिरा है। कंपनी का डेटर्स टर्नओवर रेशियो गिरकर 5.63 गुना पर आ गया है। यानी कंपनी का कर्ज वसूली का मामला डगमगाया हुआ है, जिससे कैश फ्लो पर असर पड़ता है। 2017 में डीमर्जर के बाद साल 2025 इस स्टॉक के लिए पहला निगेटिव ईयर रहा है, जिसमें इसने 30% के करीब निगेटिव रिटर्न दिया है।

4- Shanthi Gears Limited: -33%
24 जुलाई, 2025 को इस स्टॉक ने 619.80 रुपये का 52वीक हाई बनाया था। मगर इसके बाद ये शेयर बस फिसलता ही गया। फिलहाल ये अपनी इस ऊंचाई से 33% नीचे 412-415 रुपये के बीच कामकाज कर रहा है। हालांकि इसका 52वीक लो 399 रुपये है, जो कि इसने 3 मार्च, 2025 को बनाया था। ये स्टॉक इस महीने अबतक 12% से ज्यादा टूट चुका है।

वजह- शांति गियर्स के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह इसका कुछ तिमाहियों से खराब वित्तीय प्रदर्शन है। Q2FY26 में कंपनी का मुनाफा 16% गिरकर 21.5 करोड़ रुपये ही रह गया, रेवेन्यू में 15% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, गियरिंग सॉल्यूशंस के बिजनेस में वॉल्यूम प्रेशर बढ़ा है। इंडस्ट्रियल एक्टिविटी धीमी पड़ने और कैपेक्स में देरी से ऑर्डर्स और सेल्स पर असर पड़ा है। इन्वेंटरी टर्नओवर भी कम रहा है।

5- Carborundum Universal Limited: -35%
आज से ठीक एक साल पहले 16 जनवरी, 2025 को इस स्टॉक ने 1,264.05 रुपये का 52वीक हाई बनाया था, और इसी महीने 12 जनवरी, 2026 को इसने 786.80 का 52वीक लो भी बनाया है। 52वीक हाई से तो ये स्टॉक 35% टूट चुका है।

वजह- इस कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी कुछ तिमाहियों से लगातार खराब रहा है। Q1FY26 में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 45% गिर गया, EBITDA में भी 37% की गिरावट दर्ज हुई, इसके बाद Q2FY26 के नतीजों ने भी निराश किया। मुनाफा पिछले साल के 86 करोड़ रुपये से गिरकर 64 करोड़ रुपये ही रह गया। लगातार खराब नतीजों के कंपनी के शेयरों पर दबाव दिखा।

इन 5 कंपनियों के अलावा बाकी 5 कंपनियों का प्रदर्शन भी बीते एक साल में काफी खराब रहा है। ये सभी 52वीक हाई से कितना टूटी हैं, नीचे देख लीजिए।

क्र. सं. कंपनी 52वीक हाई से टूटा
1.CG Power & Industrial Solutions-27%
2.EID Parry (India)-25%
3.Cholamandalam Financial Hold.-20%
4.Coromandel International-15%
5.Cholamandalam Investment-7%

इन कंपनियों में के शेयरों में गिरावट के पीछे इनका खराब वित्तीय प्रदर्शन है। यह गिरावट मुख्य रूप से ओवरवैल्यूएशन के बाद करेक्शन, मार्केट सेंटिमेंट और कुछ सेक्टर-स्पेसिफिक चिंताओं से आई है, लेकिन फंडामेंटल्स ज्यादातर मजबूत हैं।

हमारी इन कंपनियों में खरीद/बिक्री की कोई सलाह नहीं है. ये सिर्फ डेटा बेस्ड एनालिसिस है। शेयरों में निवेश का फैसला आप स्वयं के विवेक पर करें।

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