Wipro और Infosys के शेयर आज यानी बुधवार, 4 फरवरी 2026 फोकस में रहेंगे. क्योंकि क्योंकि कल रात अमेरिकी बाजारों में इनके अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट (ADRs) 6% तक टूट गए. इस गिरावट के पीछे एक ही कारण है वो है Anthropic नाम की एक अमेरिकी AI कंपनी, जिसने कि एक नया AI टूल लॉन्च किया है, जो कॉर्पोरेट लीगल टीमों के लिए है. ये टूल कई लीगल काम ऑटोमेट कर सकता है, जैसे-
- कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू करना
- NDA (नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) चेक करना
- कंप्लायंस वर्कफ्लो
- लीगल ब्रीफ तैयार करना
- स्टैंडर्ड जवाब देना
IT कंपनियों के लिए कैसे है खतरा?
इस टूल की खास बात ये है कि यह आसानी से एंटरप्राइज वर्कफ्लो में जुड़ जाता है, जिससे पुराने रूल बेस्ड लीगल सॉफ्टवेयर पर निर्भरता कम हो जाती है. इससे लीगल-टेक और डेटा सर्विसेज कंपनियों में डिसरप्शन यानी बिजनेस खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है, हालांकि अभी इंसानी निगरानी जरूरी है, लेकिन प्रोडक्टिविटी में बहुत बड़ा फायदा हो सकता है. यह एक साफ संकेत है कि AI अब एंटरप्राइज और प्रोफेशनल सर्विसेज के मुख्य कामों में गहराई से घुस रहा है.
IT, लीगल कंपनियों के शेयर टूटे
तो ऐसे में निवेशकों को डर है कि AI ऐसे टूल्स से सॉफ्टवेयर कंपनियों खासकर लीगल, डेटा और प्रोफेशनल सर्विसेज वाली कंपनियों का बिजनेस ही खा जाएगा, कंपनियां पहले जो पैसे चार्ज करती थीं, वो अब AI से या तो मुफ्त में कराया जा सकता है या फिर उनसे सस्ता पड़ेगा. ऐसे में इन IT कंपनियों की प्राइसिंग पावर और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा. यही वजह रही है कि विप्रो, इंफोसिस के ADR इंट्राडे में 7% तक टूट गए. इसके अलावा, Thomson Reuters, CS Disco, Legalzoom.com और Gartner के शेयर भी Wall Street पर रेगुलर ट्रेडिंग में 25% तक गिर गए.
- Wipro का ADR 4.8% गिरकर $2.56 पर बंद हुआ.
- Infosys का ADR 5.6% गिरकर $17.32 पर बंद हुआ.
- गार्टनर शेयर 21% गिरकर $160.16 पर बंद हुआ
- सेल्सफोर्स शेयर 6.8% गिरकर $196.38 पर बंद हुआ
- Adobe शेयर 7.3% गिरकर $271.93 पर बंद हुआ
Anthropic ने दी सफाई
हालांकि Anthropic ने चिंताओं को कम करने के लिए सफाई भी दी है, जिसमें उसने कहा है कि उसका टूल लीगल एडवाइस नहीं देता. कंपनी ने कहा, “AI से बनी एनालिसिस को लीगल फैसले लेने से पहले लाइसेंस्ड वकीलों से सलाह लेनी चाहिए” लीगल-फोकस्ड टूल के साथ-साथ Anthropic ने कई ओपन-सोर्स प्रोडक्ट्स भी लॉन्च किए हैं, जो सेल्स और कस्टमर सपोर्ट सहित कई प्रोफेशनल कामों को ऑटोमेट करने के लिए हैं.
जेफरीज ने वेटेज कम किया
इधर, इंटरनेशनल ब्रोकरेज Jefferies ने 2 फरवरी की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसने अपने लेटेस्ट इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो बदलाव किया, जिसमें IT सेक्टर में अपना एक्सपोजर कम कर दिया है. ब्रोकरेज ने बताया कि अब उसके इंडिया पोर्टफोलियो में इस सेक्टर का वेटेज सिर्फ 5.6 है, जो MSCI इंडिया के वेट 9.7 से काफी कम है. Jefferies का ये सतर्क रुख इसलिए है क्योंकि पिछले 16 महीनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों-FPI ने भारतीय इक्विटी से $34 बिलियन निकाल लिए हैं. इस दौरान IT सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है.
इसलिए, आज Wipro, Infosys के अलावा Persistent Systems, TCS, Coforge जैसे अन्य IT स्टॉक्स भी ज्यादा एक्टिव रह सकते हैं. कुल मिलाकर, AI के बढ़ते कॉम्पिटिशन से ग्लोबल सॉफ्टवेयर/IT सेक्टर में नेगेटिव सेंटिमेंट है, जो भारतीय IT कंपनियों को भी प्रभावित कर रहा है.
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसमें जिन शेयरों और कंपनियों का जिक्र किया गया है, वे उनके पिछले प्रदर्शन और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है और पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते। निवेश से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए या खुद स्वतंत्र रिसर्च करनी चाहिए। लेखक किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
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