बैंकिंग की दुनिया में HDFC Bank ने ऐसा मुकाम बनाया है कि हर नए बैंक को लगता है कि वो बड़ा होकर HDFC Bank बनेगा. लोगों की भी आदत है, जहां किसी बैंक ने चमकदार आंकड़े दिए, उसको HDFC Bank का वारिस मानकर बैठ जाते हैं. कभी ये बात Yes Bank के लिए कही गई तो कभी बंधन बैंक के लिए और कभी IDFC First Bank के लिए. मगर, बाजार सबको उसकी सही ज़मीन दिखा देता है. आज की तारीख में जिन बैंकों को HDFC Bank का उत्तराधिकारी माना गया, वो अपनी ऊंचाइयों से फिसलकर एक दायरे में सिमटे हुए नजर आते हैं. हम यहां पर इन्हीं शेयरों का जिक्र करने जा रहे हैं.
IDFC First Bank
Down From All Time High: -30%
सबसे पहले IDFC Bank की बात करते हैं, इसको लेकर बीते कुछ साल से ये भरोसा पनपा है कि इसके अंदर HDFC Bank के स्तर पर पहुंचने की क्षमता है. तो इसकी वजहें हैं –
- कंपनी ने बीते 5 साल में 20% CAGR से प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज किया है, साल 2023, 2024 में कंपनी ने धमाकेदार प्रॉफिट कमाया था
- स्टॉक की 3 साल की EPS ग्रोथ 110% रही है, मतलब कि कंपनी की प्रति शेयर कमाई EPS पिछले 3 सालों में कुल 110% बढ़ गई है.
- स्टॉक P/E 38.2 पर है, मगर PEG रेश्यो 0.31 है, यानी ग्रोथ इतनी तेज है कि हाई P/E के बावजूद स्टॉक सस्ता माना जा सकता है.
मगर, क्योंकि इसमें फ्रॉड की खबर आने के बाद 23 फरवरी, 2026 को ये 16% से ज्यादा टूटकर बंद हुआ. एक दिन में ही इस स्टॉक में इतनी बड़ी गिरावट ने बाजार का पूरा सेंटीमेंट ही बिगाड़ कर रख दिया, 83 रुपये के ऊपर चल रहा शेयर सीधा 66.80 रुपये पर आ गया. जबकि इसने सितंबर 2023 में 101 रुपये का ऑल टाइम हाई छुआ था. मगर, अब ये शेयर इस ऑल टाइम हाई से 30% से ज्यादा टूट चुका है, वापस से अपने साल भर पहले के लेवर पर चला गया है.
Yes Bank
Down From All Time High: -95%
साल 2010-2018 का वो दौर, जब Yes Bank का नाम कई एनालिस्ट की जुबां पर हुआ करता था. उस वक्त Yes Bank तेज ग्रोथ दिखा रहा था. आज की तारीख में यस बैंक का शेयर 20-21 रुपये के बीच झूल रहा है, जबकि 19 अगस्त, 2018 को इसने 404 रुपये का ऑल टाइम बनाया था. यानी 6-7 सालों में ये अपने ऑल टाइम हाई से 95% से ज्यादा टूट चुका है. गिरावट की शुरुआत सितंबर 2018 से हुई, जब शेयर अपने रिकॉर्ड लेवल्स पर ट्रेड कर रहा था. तभी RBI ने CEO राणा कपूर को 3 साल का फुल एक्सटेंशन देने से इनकार कर दिया. बस फिर 19 सितंबर 2018 को स्टॉक 29% तक लुढ़क गया था, जैसा कि IDFC फर्स्ट बैंक के साथ 23 फरवरी को हुआ. मगर, स्टॉक में गिरावट अभी तो शुरू हुई थी. अप्रैल-जुलाई 2019 में बैंक के NPAs बढ़ने लगे, क्रेडिट रेटिंग डाउनग्रेड हुई, और बैंक पूंजी नहीं जुटा पाया. इसके अलावा राणा कपूर पर लोन एवरग्रीनिंग, मनी लॉन्ड्रिंग आरोप लगे, जिससे सेंटीमेंट्स और बिगड़ते चले गए. मार्च 2020 में RBI ने मोरेटोरियम लगाया, जिससे शेयर 5.65 रुपये तक क्रैश हो गया.
RBL Bank
Down From All Time High: -55%
RBL Bank का बेस्ट टाइम मई 2019 था, जब इसने अपना ऑल टाइम हाई बनाया था. जो कि 717 रुपये करीब था. यह पीक 27 मई 2019 को आया, जब बैंक तेज ग्रोथ, अच्छे रिजल्ट्स और नेक्स्ट HDFC Bank जैसे हाइप में था. इसके बाद NPA बढ़ने, गवर्नेंस इश्यूज की खबरें आने लगीं, तो शेयर में गिरावट शुरू हुई. फिलहाल स्टॉक 320 रुपये पर है बंद हुआ. यानी ऑल टाइम हाई से तकरीब 55% तक टूट चुका है. भले ही स्टॉक अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे फिसल गया हो, लेकिन इसके मैट्रिक्स बुरे नहीं हैं. बैंक ने अपने NPA को बहुत काबू में किया है. बीते 4 साल में इसका NPA लगातार कम हुआ है. ग्रॉस NPA 2.6% पर है और नेट NPA 0.29% है, कंपनी का NII लगातार तीन सालों से बढ़ा है. साथ ही, बीते एक साल में ये शेयर तकरीबन 99% तक मजबूत भी हुआ है.
Bandhan Bank
Down From All Time High: -77%
बंधन बैंक को भी Next HDFC Bank वाली कैटेगरी में गिना जाता रहा है. बंधन बैंक को लेकर एनालिस्ट्स और ब्रोकरेज का रवैया काफी पॉजिटिव रहता है, शायद ही कोई ब्रोकरेज हो जो इस पर बुलिश नहीं हो. जबकि ये शेयर अपने ऑल टाइम हाई 742 रुपये है, जो इसने जनवरी 2018 में बनाया था. अब उस ऊंचाई से 77% फिसल चुका है और 173-174 रुपये के बीच ट्रेड कर रहा है. सबसे बुरी बात ये कि बीते 3 साल में इसका रिटर्न -8.78% रहा है, यानी निगेटिव. जबकि ये शेयर बीते एक साल में 25% तक मजबूत हुआ है.
अब जिसको गुरु मानकर ये सारे बैंक चल रहे हैं, जरा उसको भी देख लीजिए यानी HDFC Bank. जिसने 23 अक्टूबर 2025 को 1,020.50 रुपये का अपना ऑल टाइम हाई बनाया था. फिलहाल ये 924-925 रुपये के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जो कि ऑल टाइम हाई से करीब 10% नीचे है.
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसमें जिन शेयरों और कंपनियों का जिक्र किया गया है, वे उनके पिछले प्रदर्शन और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है और पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते। निवेश से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए या खुद स्वतंत्र रिसर्च करनी चाहिए। लेखक किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
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