डिफेंस सेक्टर में है 15 लाख करोड़ रुपये का मौका! इन 9 स्टॉक्स पर लगा दांव

India's Rs 15 Trillion Defence Opportunity DAM Capital Bets on These 9 Stocks

भारत का डिफेंस सेक्टर इस समय एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है, क्योंकि जिस देश को कभी दुनिया के सबसे बड़े डिफेंस इंपोर्टर्स में गिना जाता था, आज वो अपनी ज़रूरते खुद पूरी करने के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में एक बड़े एक्सपोर्टर के तौर पर भी अपने कदमों को मज़बूत कर रहा है. भारत का डिफेंस सेक्टर अब सिर्फ ‘मेड इन इंडिया’ का नारा नहीं, बल्कि एक असली ग्लोबल फोर्स बन रहा है. मिसाइलें, ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम सब कुछ लाइव कॉम्बैट में परखा जा चुका है. इसे लेकर DAM Capital ने एक रिपोर्ट जारी की है. जिसमें कहा गया है कि अगले कुछ वर्षों में भारत के पास 15 लाख करोड़ रुपये के डिफेंस अवसर हैं.

आंकड़ों में समझें डिफेंस सेक्टर का आउटलुक

DAM Capital ने भारतीय डिफेंस सेक्टर को लेकर बेहद सकारात्मक यानी ‘Bullish’ नजरिया रखा है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का डिफेंस सेक्टर अब ‘Manufacture in India’ से आगे बढ़कर ‘Owned by India’ बेस्ड मॉडल की ओर बढ़ रहा है.

बजट में भारी बढ़ोतरी: FY27 के लिए डिफेंस कैपेक्स बजट 22% बढ़कर 2.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है. सबसे जरूरी बात ये कि इस बजट का 75% हिस्सा घरेलू खरीद के लिए सुरक्षित रखा गया है, और उस घरेलू हिस्से का भी करीब 25% सीधे प्राइवेट इंडस्ट्री को मिलने वाला है. FY21 से अब तक ये बजट 12% CAGR की रफ्तार से बढ़ा है.

घरेलू उत्पादन का लक्ष्य: भारत का डिफेंस प्रोडक्शन FY2021 से FY2025 के बीच 16% की CAGR से बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. सरकार ने 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का प्रोडक्शन टारगेट रखा है.

एक्सपोर्ट का लक्ष्य: भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट ने FY22-26 के दौरान 32% CAGR की शानदार ग्रोथ दिखाई है. FY2026 में ये 38,420 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, और 2029 तक इसे 50,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है. भारत अब 100 से ज्यादा देशों को हथियार बेच रहा है, टॉप 3 खरीदारों में अमेरिका, फ्रांस और अर्मेनिया शामिल हैं.

प्राइवेट सेक्टर की भूमिका: डिफेंस प्रोडक्शन में प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है. प्राइवेट सेक्टर ने FY21 के 17,200 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 33,900 करोड़ रुपये का उत्पादन किया है, जो लगभग 18% की सालाना ग्रोथ है.

15 लाख करोड़ के अवसर: अगले 5 साल में डिफेंस सेक्टर में करीब Rs 15 लाख करोड़ का बिजनेस आएगा. इसमें IAF को 34%, नेवी को 26%, आर्मी को 16%, DRDO को 7% और एक्सपोर्ट को 16% हिस्सा मिलेगा.

9 रत्नों पर दांव क्यों?

डिफेंस सेक्टर पर अपने बुलिश नज़रिये के साथ DAM Capital ने अपनी रिपोर्ट में 9 स्टॉक्स पर अपनी राय दी है.

1- Astra Microwave Products (ASTM)

क्या करती है कंपनी: कंपनी हाई-एंड रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) और माइक्रोवेव कंपोनेंट्स, सब-सिस्टम और रडार इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने में माहिर है.
ऑर्डर बुक: मौजूदा ऑर्डर बुक 2,570 करोड़ रुपये है. कंपनी को अगले दो वर्षों में QRSAM और उत्तम रडार जैसे प्रोजेक्ट्स से 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर मिलने की उम्मीद है.
ग्रोथ उम्मीद: FY28 तक Revenue/EBITDA में 15%/17% CAGR

2- Bharat Dynamics Limited

क्या करती है कंपनी: BDL भारत में मिसाइल सिस्टम और टॉरपीडो बनाने वाली कंपनी है. ये आकाश मिसाइल और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल बनाती है.
ऑर्डर बुक: FY26 के अंत तक इनकी ऑर्डर बुक 26,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है
ग्रोथ उम्मीद: FY25-28 में रेवेन्यू CAGR ~31%, EBITDA CAGR ~42%

3- Bharat Electronics Limited (BEL)

क्या करती है कंपनी: रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, UAV, मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स, BEL भारत के सालाना डिफेंस प्रोडक्शन में 15-16% योगदान देती है.
ऑर्डर बुक: 74,000 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक है. अगले 5 सालों में कंपनी के पास 2 लाख करोड़ रुपये के अवसरों की पाइपलाइन है
ग्रोथ उम्मीद: Revenue/EBITDA में 20%+ CAGR अगले 2-3 साल तक

4- Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE)

क्या करती है कंपनी: कंपनी डिफेंस, कमर्शियल और रिसर्च के क्षेत्र में कई तरह के जहाज बनाती है. इसके अलावा, ये स्टील के पोर्टेबल पुल बनाने का काम भी करती है. अब तक 800 से ज्यादा जहाज डिलिवर कर चुकी है, जिनमें 114 वॉरशिप शामिल हैं.

ऑर्डर बुक: कंपनी के पास फिलहाल 18,480 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स बकाया हैं, जिन्हें पूरा किया जाना है. इनमें P17A फ्रिगेट, ASW-SWC एंटी सबमरीन वॉरशिप शामिल है. ऑर्डर बुक FY27 तक 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है.

ग्रोथ उम्मीद: Revenue/EBITDA में 16%/21% CAGR

DAM का नजरिया: शॉर्ट-टर्म ग्रोथ टेपर हो रही है, इसलिए Neutral रेटिंग। रिस्क: ऑर्डर इनफ्लो की अनिश्चितता

5- Hindustan Aeronautics Limited (HAL)

क्या करती है कंपनी: ये कंपनी हरफनमौला है. कंपनी फाइटर एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर, एयरो इंजन और उनके पुर्जों को खुद डिजाइन करने, बनाने और उनकी मरम्मत करने की पूरी क्षमता रखती है. पहले ये कंपनी रूस और यूरोप के विमानों जैसे MiG-21, Su-30MKI और Jaguar को केवल उनकी ओर से दी गई तकनीक (ToT) के आधार पर बनाती थी. अब कंपनी सिर्फ दूसरों की तकनीक पर निर्भर नहीं है, बल्कि एक असली ‘डिजाइन हाउस’ बन चुकी है जो खुद के नए विमान सोच और बना सकती है.

कंपनी ने खुद के दम पर कई बेहतरीन एयरक्राफ्ट तैयार किए हैं, जैसे-

ध्रुव (ALH): एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर
प्रचंड (LCH): हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर
HTT-40: ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला विमान

ऑर्डर बुक: कंपनी के पास 2.6 लाख करोड़ रुपये का विशाल ऑर्डर बुक है, जो इसकी सालाना कमाई से 8 गुना ज्यादा है. अगले 2 सालों में कंपनी को 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद है, जिसमें Su-30 विमानों को अपग्रेड करना, 143 नए हेलिकॉप्टर बनाना और सालाना रिपेयरिंग (ROH) के काम शामिल हैं.

ग्रोथ उम्मीद: रेवेन्यू/EBITDA में FY25-28 में 17%/14% CAGR

6- Mazagon Dock Shipbuilders (MDL)

क्या करती है कंपनी: कंपनी नौसेना के लिए एंडवांस्ड वॉरशिप और सबमरीन बनाने में माहिर है. ये एक्सपोर्ट के दूसरे बाजारों के लिए कमर्शियल जहाज जहाज भी बनाती है और पुराने जहाजों की मरम्मत का काम भी करती है.

ऑर्डर बुक: कंपनी के पास फिलहाल 23,760 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स हाथ में हैं. भविष्य में कंपनी को लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये के नए ऑर्डर्स मिलने का मौका है. P-75(I) पनडुब्बी प्रोजेक्ट जो कि करीब 80,000 से 90,000 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट है, जो जल्द ही साइन होने वाला है. P-17B प्रोजेक्ट जो कि करीब 40,000 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है, जिसके अगले 15-18 महीनों में मिलने की उम्मीद है. नेक्स्ट जेन डिस्ट्रॉयर्स, करीब 50,000 करोड़ रुपये के शक्तिशाली वॉरशिप बनाने का प्रोजेक्ट भी कतार में है.

ग्रोथ उम्मीद: रेवेन्यू/EBITDA में 9%/7% CAGR

7- Mishra Dhatu Nigam (MIDHANI)

क्या करती है कंपनी: डिफेंस, एयरोस्पेस, स्पेस के लिए स्पेशियलिटी स्टील, सुपरअलॉय, टाइटेनियम अलॉय बनाती है, भारत में इसका मोनॉपली है. DRDO, ISRO, DPSUs खास ग्राहकों में हैं.

ऑर्डर बुक: फरवरी 2026 तक रिकॉर्ड 2600 करोड़ रुपये, जिसमें 90% स्पेस और डिफेंस से हैं.

ग्रोथ उम्मीद: रेवेन्यू/EBITDA में 11%/16% CAGR FY28 तक

8- Solar Industries India (SOIL)

क्या करती है कंपनी: कंपनी भारत में कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कामों में इस्तेमाल होने वाले बारूद/विस्फोटकों के मामले में सबसे आगे है. इसके कारखाने विदेशों में भी हैं. 2010 में डिफेंस सेक्टर में कदम रखा था. बीते 3 सालों में रेवेन्यू 75% बढ़ा है.

ऑर्डर बुक: कंपनी के पास फिलहाल 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के ऑर्डर्स हैं. इसमें 10,000 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर्स विदेशों से मिले हैं.

ग्रोथ उम्मीद: रेवेन्यू /EBITDA में 25%/29% CAGR FY28 तक

9- Zen Technologies (ZEN)

क्या करती है कंपनी: तीन वर्टिकल- कॉम्बैट ट्रेनिंग सिमुलेटर, एंटी-ड्रोन सिस्टम (C-UAS) और इंटीग्रेटेड डिफेंस सॉल्यूशंस में काम करती है. पूरी तरह IP-लेड कंपनी जो खुद R&D फंड करती है.

ऑर्डर बुक: 14,300 करोड़ रुपये – ADS और सिमुलेटर दोनों में बराबर हिस्सा. FY27 के अंत तक ऑर्डर बुक 2500-3000 करोड़ रुपये तक बढ़ने की उम्मीद.

ग्रोथ उम्मीद: रेवेन्यू/EBITDA में 7%/5% CAGR, लेकिन FY27 में बड़ा उछाल संभव

अंत में..

DAM Capital की रिपोर्ट का सार ये है कि भारत का डिफेंस सेक्टर एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां पॉलिसी, बजट, प्रोडक्शन कैपेसिटी और ग्लोबल डिमांड सब एक साथ अपने पक्ष में हैं.
रूस-यूक्रेन संघर्ष से दुनिया में हथियारों की कमी है, पोलैंड जैसे पारंपरिक सप्लायर दबाव में हैं, और भारत एक भरोसेमंद, लागत-प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रहा है. ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय मिसाइल और ड्रोन टेक्नोलॉजी को लाइव वॉर में परखकर उनकी विश्वसनीयता और बढ़ा दी है.

डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल DAM Capital Advisors Limited की रिसर्च रिपोर्ट (अप्रैल 2026) पर आधारित है. यह निवेश की सलाह नहीं है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें.

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