ट्रंप, टैरिफ और AI…IT कंपनियों के लिए बुरे दिन कब खत्म होंगे?

IT Stocks Crash Why are IT stocks falling today

Anthropic AI ने भारत की ही नहीं, दुनिया की दूसरी टेक्नोलॉजी कंपनियों को भी अपना शिकार बनाया है. अमेरिकी स्टॉक्स एक्सचेंज पर IBM का शेयर एक ही दिन में 13% से ज्यादा टूट गया. ये IBM के इतिहास में 25 साल में पहली बार हुआ है कि इसने एक दिन में ही इतनी बड़ी गिरावट देखी है. इसके पहले अक्टूबर 2000 में ऐसा देखने को मिला था. जबकि भारत के IT शेयरों से AI का बुखार तो उतरने का नाम नहीं ले रहा है.

AI का डर IT शेयरों से उतरा नहीं

भारत के IT शेयरों में डर की एक बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाली डिसरप्शन का डर है. AI कंपनी Anthropic ने कुछ दिने पहले ऐसे टूल्स लॉन्च किए हैं जो कई ऑफिस प्रोसेस को ऑटोमेट कर सकते हैं. ये टूल्स रूटीन डॉक्यूमेंटेशन, कोड जेनरेशन और डेटा प्रोसेसिंग जैसे काम आसानी से हैंडल कर सकते हैं. ये ठीक वही काम हैं जो भारतीय IT कंपनियां ग्लोबल क्लाइंट्स के लिए करती हैं. इसलिए भले ही रातोंरात कुछ न बदला हो, लेकिन निवेशकों को चिंता है कि AI के और शक्तिशाली होने पर ट्रेडिशनल आउटसोर्सिंग की डिमांड धीमी पड़ सकती है.

निफ्टी IT इंडेक्स इस महीने अबतक 22% तक टूट चुका है. आगे भी अगर ये गिरावट जारी रही तो ये सितंबर 2008 के बाद सबसे खराब महीना साबित होगा. यानी जब दुनिया में ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस आई थी, तब निफ्टी IT इंडेक्स ने इतना बुरा प्रदर्शन किया था. जबकि अभी तीन ट्रेडिंग सेशन बाकी हैं. निफ्टी IT इंडेक्स आज भी यानी 24 फरवरी, 2026 को 4.74% तक टूटा, इसमें शामिल सभी IT शेयरों में 3% से लेकर करीब 7.5% तक की भारी गिरावट देखने को मिली.

Coforge
इस साल Nifty IT इंडेक्स में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर Coforge है. जो कि आज 5.24% टूटकर 1,221.50 रुपये पर बंद हुआ. जबकि बीते 5 ट्रेडिंग सेशन में ये 11.5% से ज्यादा फिसल चुका है, और साल के शुरुआती दो साल में ही करीब 25% तक कमज़ोर हो चुका है. अभी तीन ट्रेडिंग सेशन बाकी हैं, अगर ये स्टॉक आगे भी गिरना जारी रखता है और 35% से ज्यादा टूट जाता है तो 2022 के बाद ये इस स्टॉक के लिए सबसे खराब साल साबित होगा.

Wipro
विप्रो का शेयर इस साल Nifty IT इंडेक्स में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला दूसरा स्टॉक है. आज ये 2.62% टूटकर 200.14 पर बंद हुआ, बाकी आईटी स्टॉक्स के मुकाबले आज इसमें सबसे कम गिरावट देखने को मिली. लेकिन आज इसने 199.36 का 52 हफ्ते का सबसे निचला स्तर भी छुआ. इस साल के शुरुआती दो महीनों में ही ये स्टॉक 24% तक टूट चुका है. ये साल 2022 के बाद सबसे खराब दौर से गुजर रहा है, जब ये स्टॉक पूरे साल में 45% तक कमजोर हुआ था. जबकि इसकी आधी गिरावट इस स्टॉक में इस साल के शुरुआती दो महीनों में ही आ चुकी है.

Persistent Systems
ये स्टॉक एनालिस्ट्स का काफी चहेता शेयर रहता है. आज 24 फरवरी को 6% टूटकर 4,662 रुपये पर बंद हुआ. इस साल के शुरुआती दो महीनों में ही ये शेयर अबतक 23.5% तक टूट चुका है. इस स्टॉक में इतनी बड़ी गिरावट इससे पहले साल 2011 में देखने को मिली थी, उस साल भी ये शेयर 23.5% टूटा था. ये शेयर लगातार 5 ट्रेडिंग सेशन से टूट ही रहा है. बीते एक साल में ये स्टॉक 17% तक टूट चुका है. जबकि निफ्टी में हमने
इस दौरान 12.75% की रैली देखी और निफ्टी IT में 23.4% की गिरावट देखी.

LTIMindtree
LTIMindtree भी बीते पांच सेशन से बस टूटता ही जा रहा है. आज इंट्राडे में 7.5% तक टूटा था, लेकिन थोड़ा सुधरकर 6.43% की कमजोरी के साथ 4,501 रुपये पर बंद होने में कामयाब रहा. इस साल के शुरुआती दो महीनों में ये शेयर भी 25% से ज्यादा टूटा है. साल 2022 में हमने ऐसी बड़ी गिरावट देखी थी, जब शेयर 40% से ज्यादा कमजोर हुआ था. जहां तक बीते एक साल की बात ये स्टॉक 9.24% तक लुढ़क चुका है. इस स्टॉक में बीते 5 ट्रेडिंग सेशन से सिर्फ गिरावट देखने को मिल रही है.

Infosys
इस स्टॉक ने आज 24 फरवरी 2026 को 52 हफ्ते का निचला स्तर 1,264.10 छुआ है. जबकि इसके ठीक एक साल पहले 24 फरवरी 2025 को इसने 1,808 रुपये का 52वीक हाई बनाया था. इस साल के शुरुआती दो महीनों में ये स्टॉक 20% से ज्यादा टूट चुका है. ये साल 2008 के बाद इंफोसिस के लिए अभी तक का सबसे खराब साल रहा है.

इसके अलावा, Mphasis इस साल अबतक 20% टूट चुकी है, TCS में 19%, HCLTech में Down 16%, Oracle में 15% और Tech Mahindra Down 12% की गिरावट आ चुकी है.

IT शेयरों में घबराहट की एक और वजह

IT शेयरों में बीते दो महीनों से हम काफी कमजोरी देख रहे हैं, बीच एक दो मौके रिकवरी के भी आए, लेकिन दुनिया में कुछ बड़े घटनाक्रम हो रहे हैं, जिसकी वजह से IT शेयरों में हम कमजोरी बढ़ती हुई देख रहे हैं.

दुनिया भर के बाजार राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन से पहले घबराए हुए हैं. निवेशक उनके ट्रेड पर कमेंट्स का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि हाल ही में यूरोपीय यूनियन ने टैरिफ बदलावों के बाद अमेरिका के साथ एक बड़ी डील को फ्रीज कर दिया है. जिसकी वजह से स्टॉक मार्केट में घबराहट फैल गई है. भारतीय IT कंपनियां इसे लेकर डरी हुईं हैं क्योंकि ट्रंप का भाषण ट्रेड पॉलिसी, टैरिफ और इकोनॉमिक एजेंडा पर फोकस कर सकता है. भारत की IT कंपनियों की 60-70% कमाई अमेरिका से आती है, और ट्रंप के हालिया टैरिफ से क्लाइंट्स खर्च कम कर सकते हैं. इसलिए ट्रेड को लेकर कोई भी चिंता सीधे निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डालेगी.

IT के लिए आगे की राह आसान नहीं

भारतीय बाजारों को लेकर FPIs का नज़रिया भी इस दौरान कुछ बदला है, एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पिछले 17 ट्रेडिंग सेशन में से 10 में विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में खरीदारी तो कर रहे हैं, लेकिन IT शेयरों से उन्होंने दूरी बना रखी है. यानी विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में वापस लौट जरूर रहे हैं, लेकिन कैपिटल गुड्स और फाइनेंशियल कंपनियों में अपना पैसा डाल रहे हैं. क्योंकि ये सेक्टर भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. जबकि IT सेक्टर विदेशी क्लाइंट्स की मेहरबानी पर टिका है, इसलिए इसमें वो बिकवाली कर रहे हैं. ब्रोकरेज भी सेक्टर पर थोड़ा सतर्क हो गए हैं. कई ग्लोबल एनालिस्ट्स ने IT कंपनियों के लिए टारगेट प्राइस में भी कटौती कर दी है.

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसमें जिन शेयरों और कंपनियों का जिक्र किया गया है, वे उनके पिछले प्रदर्शन और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है और पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते। निवेश से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए या खुद स्वतंत्र रिसर्च करनी चाहिए। लेखक किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

Twitter – https://x.com/SumitResearch

Insta – Mehrotra Sumit (@sumitresearch)

Youtube – https://www.youtube.com/@Sumitresearch

Facebook – https://www.facebook.com/sumitresearch/

Blog – https://sumitresearch.com/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *