India EMS: क्या EMS की ग्रोथ स्टोरी खत्म हो गई! या फोकस हुआ शिफ्ट?

India EMS: Growth Story Intact, But the Next Phase Is Shifting to Components JP Morgan report

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर पिछले कुछ महीनों में काफी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरा है. कई कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन में बहुत अंतर देखने को मिला है. कुछ शेयरों में हमने बहुत ज्यादा गिरावट देखी तो कुछ ने थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया.

EMS सेक्टर पर JP Morgan की Asia Pacific Equity Research टीम ने अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सेक्टर से जुड़ी कई कंपनियों ने हाल में कमजोर रिटर्न दिए हैं, लेकिन सेक्टर की कुल ग्रोथ की कहानी अभी भी पूरी तरह बरकरार है, सिर्फ इस ग्रोथ का स्वरूप बदल रहा है. मतलब, पहले जिस तरह की ग्रोथ हम देख रहे थे, वो अब अलग दिशा में जा रही है, जैसे फिनिश्ड गुड्स असेंबली से कंपोनेंट्स और PCB मैन्युफैक्चरिंग की तरफ शिफ्ट हो रही है. रिपोर्ट में Amber और Cyient DLM को Neutral से Overweight पर अपग्रेड किया गया है, जबकि Syrma को टॉप पिक बनाए रखा गया है.

क्या EMS की ग्रोथ स्टोरी खत्म हो गई?

रिपोर्ट में JP Morgan ने अपने कवरेज यूनिवर्स के स्टॉक्स की परफॉर्मेंस को विस्तार से बताया है. जिसमें कहा गया है कि Q2 FY26 के नतीजों के खत्म होने के बाद से भारत के EMS सेक्टर में कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन काफी अलग-अलग रहा है. कुछ स्टॉक्स जैसे Kaynes (-35%) और Dixon (-29%) में भारी गिरावट आई है, और ये दोनों निफ्टी (-12%) से काफी पीछे रह गए हैं. जबकि Avalon (-8%), Amber (-9%) और Syrma (-11%) ने थोड़ी कम गिरावट दिखाई. इतने बड़े अंतर ने कई निवेशकों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या EMS सेक्टर की ग्रोथ की कहानी अब कमजोर पड़ रही है? लेकिन जे पी मॉर्गन इस विचार को पूरी तरह से खारिज करता है, जे पी मॉर्गन की टीम का कहना है कि सेक्टर में 5 Overweight और 1 Neutral रेटिंग बनी हुई है, जो इस सेक्टर पर उनके भरोसे को दिखाती है.

हालांकि, इस व्याख्या को जल्दबाजी में स्वीकार करना गलत हो सकता है, सेक्टर में व्यापक स्तर पर आउटपरफॉर्मेंस न होना जरूरी नहीं कि साइकल के अंत की ओर कोई इशारा हो, बल्कि ये एक ट्रांजिशन फेज को दर्शाता है, जहां लीडरशिप बदल रही है और बाजार अपनी उम्मीदों को नए सिरे से तय कर रहा है. मतलब, कुछ कंपनियां पीछे रह गई हैं, ये पूरे सेक्टर की कहानी खत्म होने का मतलब नहीं है, बस अब ग्रोथ का पैटर्न और लीडर बदल रहे हैं.

रिपोर्ट में हर स्टॉक की डिटेल दी गई है, Dixon को छोड़कर बाकी सभी स्टॉक्स FY26-28E में 20% से ज्यादा रेवेन्यू ग्रोथ देने वाले हैं. Year-to-Date (YTD) पर Syrma, Amber और Avalon अब 10-12% आउटपरफॉर्म कर रहे हैं. FY27E EPS में Syrma बाज़ार के अनुमानों से 12% आगे है और Amber 3% आगे है. वैल्यूएशन में भी अभी थोड़ी राहत दिख रही है, जो कि 32 से 60 गुना FY27E EPS पर ट्रेड कर रहे हैं. जे पी मॉर्गन ने अपना पेकिंग ऑर्डर भी साफ कर दिया है: Syrma > Dixon > Amber > Kaynes > Cyient DLM > Avalon

EMS की कहानी बरकरार, सिर्फ फोकस शिफ्ट

पिछले 4 महीनों में EMS स्टॉक्स 8% से 35% तक नीचे आए हैं. ये गिरावट खास तौर पर Dixon और Kaynes की वजह से देखने को मिली है, जो लंबे समय से बाज़ार की आंखों का तारा थे, अब इन्होंने निराश किया, लेकिन Syrma, Amber और Avalon ने उम्मीदों से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया है और बाज़ार को पॉजिटिव सरप्राइज दिया है. जे पी मॉर्गन का कहना है कि भारत की EMS स्टोरी अब भी पूरी तरह बरकरार है. स्टॉक्स में आई गिरावट सिर्फ कुछ नामों के निराशाजनक प्रदर्शन की वजह से है, पूरे सेक्टर की कहानी खत्म नहीं हुई है.

जे पी मॉर्गन की इस रिपोर्ट का सबसे जरूरी हिस्सा ये है कि ग्रोथ स्टोरी की दिशा अब बदल रही है. पहले फिनिश्ड गुड्स असेंबली पर फोकस था, अब वो कंपोनेंट्स और Bare PCB मैन्युफैक्चरिंग की तरफ जा रहा है. जे पी मॉर्गन को अगले 2 सालों में EMS सेक्टर में 20% रेवेन्यू CAGR की उम्मीद है, अगर Dixon को हटा दिया जाए तो ये 30% CAGR है.

EMS सेक्टर को सरकार का भी पूरा साथ मिला है. इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का बजट पिछले साल ₹229 बिलियन था, जिसे बजट में बढ़ाकर ₹440 बिलियन कर दिया गया. Syrma, Amber और Kaynes को Bare PCB फोराय के लिए जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं. Dixon को कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए अप्रूवल मिला है. इन सभी अप्रूवल्स और प्रोजेक्ट्स के साथ जे पी मॉर्गन का बॉटम-अप मॉडलिंग कहता है कि अगले 2 साल में 20% से ज्यादा ग्रोथ पक्की है. फिनिश्ड प्रोडक्ट असेंबली से कंपोनेंट और PCB मैन्युफैक्चरिंग की ओर शिफ्ट से वैल्यू एडिशन बढ़ेगा और लंबे समय तक ग्रोथ बनी रहेगी.

इस वक्त बाजार जो देख रहा है, वो कोई स्ट्रक्चरल स्लोडाउन नहीं है, बल्कि एक ट्रांजिशन पीरियड है, जहां सेक्टर अब ज्यादा मैच्योर और वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की तरफ बढ़ रहा है. जैसे-जैसे सेक्टर असेंबली-बेस्ड ग्रोथ से कंपोनेंट-बेस्ड विस्तार की ओर जा रहा है, वो कंपनियां जो इस बदलाव को सफलतापूर्वक लागू कर पाएंगी, वे अंत में ज्यादा मजबूत होकर उभरेंगी.

Syrma क्यों है JP Morgan का टॉप पिक

रिपोर्ट में Syrma को सबसे साफ और बेस्ट प्ले माना गया है. कंपनी ने दिसंबर 2025 से मल्टी-लेयर PCB के लिए कैपेक्स शुरू कर दिया है. निर्माण का काम जून-जुलाई 2026 तक पूरा होने वाला है और ट्रायल प्रोडक्शन दिसंबर 2026 से शुरू होगा. इससे रेवेन्यू FY28 से आना शुरू हो जाएगा.

जे पी मॉर्गन का अनुमान है कि ये नया प्रोजेक्ट मार्जिन एक्रेटिव होगा और EBITDA मार्जिन 15-17% रहेगा. कंपनी FY27 और FY28 में हर साल ₹3.5-4 बिलियन का कैपेक्स करेगी. Syrma इंडस्ट्रियल, ऑटोमोटिव और कंज्यूमर सेगमेंट के कस्टमर्स के साथ संपर्क में है. इसमें कोई साइक्लिकल वर्टिकल्स नहीं हैं, इसलिए FY27/28 के EPS अनुमानों पर कोई पेंडिंग अप्रूवल का रिस्क नहीं है. यही वजह है कि Syrma को जे पी मॉर्गन सबसे क्लीनर और टॉप पिक मानता है.

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसमें जिन शेयरों और कंपनियों का जिक्र किया गया है, वे उनके पिछले प्रदर्शन और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है और पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते। निवेश से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए या खुद स्वतंत्र रिसर्च करनी चाहिए। लेखक किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

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